रूपेश त्योंथ लिखित होरी विशेष कविता 'नेहक रंग'
नवल किरण थिक नेहक रंग चहुँदिक पसरल विपुल उमंग बाधबोन धरि पीत बसंती प्रेम पाबि मन बड़ श्रीमंत होरी पाबनि मचल धुरखेल द्वेष मेटा स…
नवल किरण थिक नेहक रंग चहुँदिक पसरल विपुल उमंग बाधबोन धरि पीत बसंती प्रेम पाबि मन बड़ श्रीमंत होरी पाबनि मचल धुरखेल द्वेष मेटा स…
बीतल बसन्त ग्रीष्मक पदार्पण गाछी गमकैत आम मजर बनल जे टिकुला लुधकल सेहो पैघ भेल आम चलू गाम जओ आम खाएक अछि गाछी बनल मचान डारि …
जेठक दुपहरि बारहो कला सँ उगिलि उगिलि भीषण ज्वाला आकाश चढ़ल दिनकर त्रिभुवन डाहथि जरि जरि पछबा प्रचण्ड बिरड़ो उदण्ड सन सन सन सन छन…
1. गोलमोहर माघक मौलायल रौद, वैशाखक पछिया पाबि हुड़दंगी भ' गेलैए तहदर्ज नहि रहलैए धरतीक करेज पएरक बेमए सन फाटि गेलैए ज हिं -…
देश हमर अछि गुण केर खान विश्व भरिमे अछि विद्वान मधुर मधुर ॠतुराजक गान भौंरा गुनगुन सुनियोजित तान जय माँ भारती जय विज्ञान फा…
1. आइडेंटिटी क्राइसिस एखनहुँ सत्य यएह थिक जे अहाँकेँ चिन्हैत अछि अहीँ सन दू-चारि गोट अनेरुआ अनरनेबा सभ तेँ राता-राती स्टार बनबाक…
(1) रंग भरल मौसिममे नेह मिला देब हम अहाँ दुनियाँकेँ चान चढा देब गाबि देबै नेहक गीत अहाँ आबि शेर हम फगुआके गाबि सुना देब नेह पर …
अदंक हिया मे, जिनगी पहाड़ सन काया मे कम्पन, पुस मास-ठाड़ सन सुरूज छथि रूसल, भागल क्षितिज दिस जिनगीक दिवस आइ, लागय अन्हार सन समयक…
हमरो एकटा गाम छल देशक बहुतो गाम सन एकटा शिव मन्दिर एकटा डीहबारक थान एकटा सलहेलक गहबर एकटा मसजिद... कतेको टोल कतेको जाति-धर्मक स…
एहि ब्रह्मांड मे गुंजित सदिखन नाद ब्रह्म आहत अनाहत जाहि मे मगन झूमैछ पवन गाबैछ गाछ नाचैछ पात झरझराइत अछि झरना समुद्रक हिलकोरैत ज…
मधुमिश्रित बसात बहैए बनि मयूर मन नाचि उठैए पशु-पंछी सब सेहो कहैए घुसल किए छें खोली मे प्रेम रंग मे रंगि जो बौआ एहि बेरक तों हो…
'मोनक चिड़ैया' प्रसिद्ध गायक, कवि ओ गीतकार विजय इस्सर जीक 46 गोट पद्यक संग्रह छनि जे 2019 मे प्रकाशित भेल रहनि. ई संग्रह …
जिनगी पटकत जुआ कखन पटकत के' जनैए केओ नै जनैए एकर खेला-बेला कनेक गति पबिते कूदब जे केने छी शुरू से सुनू हे काबिल-कहबैक…
कवि ओ गीतकार कामेश्वर झा 'कमल' जीक पहिल कविता संग्रह छनि 'बाट एकपेरिया' जे 2015 मे ज्ञानदीप प्रकाशन, मधुबनी सं प…
परदेसी - माए गे! बरद मोटेलौ कि ओहने हउ? - ओ नै मोटाएबला हउ. - आ गहूम जोरगर हउ ने? - पानि पर कने जोर पकड़ने हइ....कहिया एबहक? - अ…
नीक विषय-वस्तु जतेक बेर अहांक समक्ष अबैत अछि, ततेक बेर तृप्त करैत अछि. सुमन घोष निर्देशित बांग्ला फिल्म ‘कादम्बरी’ साहित्य, सृजन…
तीन रंग केर झंडा नेने नेना इसकूल जाइए हिन्द देश केर जयकारा सं धरती-मेघ जुड़ाइए चल भजार तों हमरा संगे माहटर झंडा फहरेतै देतै फेरो …
के' पतिआ लए जाएत रे मोरा पिअतम पास हिय नहि सहए असह दुख रे भेल साओन मास एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहल न जाए सखि अनकर दुख दा…
(1) लिलसा हमरा नहि अछि लिलसा मुखाग्निक आ ने कोनो मतलब स्वर्गक भ्रमजाल सं हमरा लोभ नहि श्राद्ध आ तर्पणक हम जी…