बिहार राज्य मंत्रि परिषद रैयाम आ सकरी स्थित बंद पड़ल चीनी मिल परिसर मे नव सहकारी चीनी मिल आ गन्ना (कुसियार) आधारित उद्योग स्थापनाक प्रस्ताव कें मंजूर कएलक अछि। एहि परियोजनाक संचालन लेल इण्डियन पोटाश लिमिटेड (IPL) कें स्वीकृति देल गेल अछि। सरकार एहि निर्णय कें मिथिलाक औद्योगिक विकासक दिशा मे ऐतिहासिक डेग मानि रहल अछि।
रैयाम मे लगभग 68 एकड़ जमीन पर पहिल चरण मे प्रतिदिन 3,500 टन गन्ना पेराइ क्षमता (TCD) बला नव चीनी मिल स्थापित होएत। बाद मे एकर क्षमता 5,000 TCD धरि बढ़ाओल जाएत। एहि परिसर मे सह-विद्युत उत्पादन इकाइ, इथेनॉल डिस्टिलरी आ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकाइ स्थापनाक योजना सेहो अछि। रैयाम परियोजनाक अनुमानित लागत लगभग ₹504.67 करोड़ अछि।
तहिना, सकरी मे लगभग 30 एकड़ जमीन पर 3,500 TCD क्षमता बला नव चीनी मिल स्थापित होएत। भविष्य मे एकर क्षमता 5,000 TCD धरि बढ़ाएल जाएत। एहि परियोजना मे सह-विद्युत उत्पादन इकाइ स्थापना प्रस्तावित अछि। सकरी परियोजनाक अनुमानित लागत लगभग ₹347.76 करोड़ अछि।
दूनू परियोजना मे कुल प्रस्तावित निवेश लगभग ₹852.43 करोड़ अछि। सरकारक अनुसार ई परियोजना मात्र चीनी उत्पादन धरि सीमित नहि रहत, अपितु गन्ना सँ निकलएबला विभिन्न उपोत्पादक उपयोग करैत आधुनिक सुगर कॉम्प्लेक्स विकसित कएल जाएत।
परियोजना मे गन्ना उत्पादक इच्छुक आ पात्र किसानसभ कें सहकारी समितिक माध्यम सँ जोड़ल जाएत। समिति किसानसभ कें आधुनिक खेती, कृषि आदान, कृषि यंत्र, तकनीकी सलाह आ कृषि ऋण सुविधा उपलब्ध कराओत। एकर संगहि चीनी मिल कें नियमित गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित कएल जाएत। एहि प्रयास सँ गन्ना खेती कें बढ़ावा भेटत आ किसानक आय बढ़बाक नव अवसर बनत।
बिहार सरकार बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 अंतर्गत परियोजना कें आवश्यक सहायता देत। रैयामक लगभग 68 एकड़ आ सकरीक लगभग 30 एकड़ जमीन इण्डियन पोटाश लिमिटेड (IPL) कें 30 वर्ष लेल ₹1 टोकन राशि पर लीज देबाक प्रावधान कएल गेल अछि। भविष्य मे आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त जमीन उपलब्ध करएबाक व्यवस्था सेहो राखल गेल अछि।
सरकारक अनुसार इण्डियन पोटाश लिमिटेड (IPL) कें चीनी उद्योग संचालनक व्यापक अनुभव अछि। देशक विभिन्न राज्य मे चीनी मिल संचालन अनुभव कें ध्यान मे रखैत कम्पनी कें एहि परियोजनाक भागीदार चुनल गेल अछि।
सरकारक मानब अछि जे एहि निर्णय सँ मिथिला मे औद्योगिक गतिविधि बढ़त, स्थानीय स्तर पर रोजगार अवसर सृजित होएत, किसानसभ कें लाभ भेटत आ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था कें नव गति भेटत। कृषि, उद्योग, उर्जा आ रोजगार कें एक संग जोड़एबला नव आर्थिक मॉडल सेहो विकसित होएबाक संभावना अछि।
भारतीय जनता पार्टीक प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी (Sanjay Saraogi) एहि परियोजनाक निर्णय पर बिहारक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीक प्रति आभार व्यक्त कएलनि।ओ कहलनि जे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीक नेतृत्व मे लेल गेल ई निर्णय मिथिलाक गन्ना किसान, स्थानीय युवा आ औद्योगिक विकास लेल अत्यंत महत्वपूर्ण अछि। एहि पहल सँ गन्ना किसानसभ कें अपन उपजक उचित बाजार भेटत, जखनकि स्थानीय युवासभ लेल रोजगारक नव अवसर सृजित होएत।
भाजपा प्रदेश अध्यक्षक अनुसार बिहार सरकारक ई निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक "विकसित भारत" केर संकल्प आ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीक नेतृत्व मे "विकसित आ आत्मनिर्भर बिहार" बनेबाक दिशा मे एक महत्वपूर्ण डेग अछि।
ओतहि मंत्री नीतीश मिश्र (Nitish Mishra) एहि महत्वपूर्ण पहल लेल यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, यशस्वी गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) एवं राज्य मंत्रिपरिषद केर हृदयतल सँ आभार जनओलनि अछि। जानकारी हो जे नीतीश मिश्र पूर्व मे उद्योग मंत्री रहैत एहि दिशा मे उल्लेखनीय प्रयास केने छथि।
आब देखबाक चाही जे ई निर्णय फूसि-फटक्का नहि हो, अपितु वास्तव मे धरातल पर साकार हो। बिहार सरकार आ नेता लोकनि केर घोषणा-निर्णय आ प्रचार सबसँ बिहारक जनता त्रस्त रहल अछि। उद्योग, रोजी-रोजगार लेल विपन्न जनता एहन सन कोनो घोषणा कें तावत धरि घोषणाटा मानैत छथि जावत ओ साकार नहि भऽ जाइत अछि।

