पोथी-पतरा

प्रेम पूरित भास : समधानल कथ्य, गतानल शिल्प

पश्चिमेशिया सँ बहुत नीक-अधलाह वस्तु आएल. नीक वस्तु भेल भाषा -साहित्य (अरबी-फारसी). भारतीय भाषा सभ मे असंख्य अरबी-फारसी शब्द आबि …

पोथी समीक्षा : अपना समय केर एकटा महत्वपूर्ण काव्य-संग्रह 'जाबत धरि सपना अछि शेष'

मैथिलीक चिंतनशील ओ गंभीर रचनाकार मिथिलेश कुमार झा केर तेसर पोथी कविता संग्रह 'जाबत धरि सपना अछि शेष' प्राप्त भेल अछि. पो…

मिथिला कें व्यापक परिप्रेक्ष्य मे जनबाक आग्रही 'प्रणव नार्मदेय'

एहि सदीक नवागंतुक पीढ़ीक कवि लोकनि मे प्रणव नार्मदेय एकटा प्रमुख नाम छथि. हिनकर कविता सहज-सरल तऽ होइते अछि जे हिनकर खाँटी शब…

एकटा उत्कृष्ट काव्यात्मक अभिव्यक्ति अछि 'धरतीसँ अकास धरि'

समकालीन मैथिली साहित्य मे युवा कवि लोकनि मे चंदनकुमार झा विशिष्ट ओ सशक्त हस्ताक्षरक रूप मे द्रुत गति सं उभरिकए समुपस्थित भ…

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