कविता
रूपेश त्योंथ लिखित होरी विशेष कविता 'नेहक रंग'
नवल किरण थिक नेहक रंग चहुंदिक पसरल विपुल उमंग बाधबोन धरि पीत बसंती प्रेम पाबि मन बड़ श्रीमंत होरी पाबनि मचल धुरखेल द्वेष मेटा स…
नवल किरण थिक नेहक रंग चहुंदिक पसरल विपुल उमंग बाधबोन धरि पीत बसंती प्रेम पाबि मन बड़ श्रीमंत होरी पाबनि मचल धुरखेल द्वेष मेटा स…
बीतल बसन्त ग्रीष्मक पदार्पण गाछी गमकैत आम मजर बनल जे टिकुला लुधकल सेहो पैघ भेल आम चलू गाम जओ आम खाएक अछि गाछी बनल मचान डारि …