मैथिली कविता: भैया हमसभ जन-गण-मन छी!
ठकि लेलक त' ठकि लेलक हम ठका-ठका कें थाकल जन छी भैया हमसभ जन-गण-मन छी! केओ धर्म केओ जाति ध' लूटल केओ भाषा के…
ठकि लेलक त' ठकि लेलक हम ठका-ठका कें थाकल जन छी भैया हमसभ जन-गण-मन छी! केओ धर्म केओ जाति ध' लूटल केओ भाषा के…
- बबलू माय! बबलू कतय गेल? आइ-काल्हि कतय रहैत अछि, कतय जाइत-अबैत अछि, कहियो आठ बजे, नौ बजे राति सं पहिने ओकर दर्शन नहि होइत …
सौभाग्य हमर कि जन्म मिलल एहि पावन मिथिला धाम मे विश्व प्रसिद्ध कवि कोकिल ओ विद्यापति जीक गाम मे पान मखान जहां केर शोभ…
हे यौ श्रीमान, जे जे लिखै छै से लिख' ने दियौ! कवि, लेखक कोनो बड़द नहि ने छै जे जिमहर हाँकि देतै, हँका जेतै. बेसी…
भाषा-साहित्य केर प्रचार-प्रसार मे लागल मिथिमीडिया कविता कें समर्पित प्रयास पदावली शुरू केने अछि. एहि माध्यम सं कविता कें ऑनल…
ओहि मेडिकल कॉलेज आ अस्पतालक बगलक दबाइ दोकानमे बेस भीड़ भऽ गेल रहै. अस्पतालमे भर्ती रोगीक गारजियन सभक अपन बीमार परिजनसँ भेँट …
खेला रहल छी जीवनक प्रांगण मे सुख आ दुखक अन्हरिया-इजोरिया मुदा सुख क्षणिक थीक जखन कि दुख थीक संगी लंगोटिया सोचै…
मिथिलाक इतिहास याद क' हम मैथिल कें महान बनेने छी पूर्वजक ज्ञान-विज्ञान सं हम चान पर निवासक बात केने छी गायत्री मं…
प्रसिद्ध मैथिली कवि दिलीप कुमार झा अपन तेसर पोथी ल' क' आबि रहल छथि. पाठक लोकनि हिनक उपन्यास 'दू धाप आगां' क…
समस्त भारतवासी आ भारतप्रेमी लेल ई बड़का खुशीक बात अछि (?) जे भारत आब सबसं बेसी गरीब जनसंख्याबला देश नै रहल. आब हमरा लोकनि कें…
मधुबनी मे सुपरस्टार सदाबहार गायक उदित नारायण
किछु दिन पूर्व मिथिमीडिया फाउंडर रूपेश त्योंथ मैथिली साहित्य मे युवा रचनाकार लोकनिक कवितेटा दिस झुकाओ कें अकानैत टिप्पणी केन…
मोबाइल फोन आ इंटरनेट यूजर केर बढैत संख्या ई-कॉमर्स व्यवसाय लेल वरदान साबित भ' रहल अछि. साल 2017 मे देशक ऑनलाइन खुदरा कार…
जेना-जेना लोकक जीवन स्तर मे सुधार भेल जा रहल छै, तेना-तेना टैलेंटेड लोकक कमी देखल जा रहल छै. एहि कें ल' जापान सबसं बेसी …
बड रे जतन सँ हम पोसली पुता केँ, भूखे सुतली अपने मर ओकरा सुतौली खुआ केँ। अपने हम मूरुख मुदा बौआ केँ पढौली, काटि कष्ट पोथी …
के' अछि ओ? किए ओ अबैत अछि हमर एतेक निकट जखन हमर आंखि रहैत अछि निपट. किछु दिन सँ ने जानि किए अनेरो फिरेसान रहैत…
तीव्रगंधी तरल मोबाइल क्षणस्पंदी जीवन एक-एक सेकेंड बान्हल! स्थायी-संचारी उद्दीपन-आलंबन.... सुनियन्त्रित एक-एक भाव! परकीय-…
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय मुख्यालय सहित स्नातकोत्तर आ एकर सब अंगीभूत व संबद्ध कालेजक नामपट आब मिथिलाक्षर मे…
एखन आब दुनिया दुआरि पर आबि गेल अछि. घरे बैसल लोक कें सब सामान भेटि जाइछ. ऑनलाइन ऑर्डर करू आ अहांक घर धरि केहनो सामान पहुंचि …
गूगल आइ एक महान समाज सुधारक, चिंतक आ पत्रकार राजा राममोहन राय कें स्मरण करैत डूडल बनओलक अछि. एहि डूडल मे ओ हाथ मे कोनो ग्रंथ…