Mithila

'हंसोथि रहल छी, हंसोथू'

हे यौ श्रीमान,  जे जे लिखै छै से लिख' ने दियौ! कवि, लेखक कोनो बड़द नहि ने छै जे जिमहर हाँकि देतै, हँका जेतै. बेसी…

अनमोल झा केर लघुकथा 'समय'

ओहि मेडिकल कॉलेज आ अस्पतालक बगलक दबाइ दोकानमे बेस भीड़ भऽ गेल रहै. अस्पतालमे भर्ती रोगीक गारजियन सभक अपन बीमार परिजनसँ भेँट …

खेली सप्पत जा भुइयां थान!

बड रे जतन सँ हम पोसली पुता केँ, भूखे सुतली अपने मर ओकरा सुतौली खुआ केँ। अपने हम मूरुख मुदा बौआ केँ पढौली, काटि कष्ट पोथी …

के' अछि ओ?

के' अछि ओ?  किए ओ अबैत अछि हमर एतेक निकट जखन हमर आंखि रहैत अछि निपट.  किछु दिन सँ ने जानि किए अनेरो फिरेसान रहैत…

संस्कृत विश्वविद्यालय मिथिलाक्षर मे राखत नामपट!

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय मुख्यालय सहित स्नातकोत्तर आ एकर सब अंगीभूत व संबद्ध कालेजक नामपट आब मिथिलाक्षर मे…

Load More
That is All