NDTV पत्रकार निधि राजदान साइबर फ्रॉड केर शिकार


साइबर धोखाधड़ी केर मामिला दिनानुदिन बढ़ैत जा रहल अछि. मुदा ई मामिला कनेक अचंभित करैत अछि. NDTV सं जुड़ल पत्रकार निधि राजदान ट्वीट माध्यम सं अपना संग भेल जालसाजी कें सार्वजनिक केलनि अछि. ओ स्पष्ट केलनि अछि जे पछिला साल हुनका लग आएल हार्वर्ड केर ऑफर फेक छल आ ओ फिशिंग केर शिकार भेलीह अछि. एहि ऑफर चलते बेचारी अपन 21 सालक एनडीटीवी नौकरी सेहो छोड़ि चुकल छथि.

निधि राजदान पछिला साल स्वयं सोशल मीडिया पर लिखने छलीह जे हुनका हार्वर्ड यूनिवर्सिटी सं एसोसिएट प्रोफेसर केर जॉब ऑफर आएल छनि आ आब ओ NDTV केर नौकरी छोड़ि नबका असाइनमेंट पर जा रहल छथि. मुदा आब जखन स्पष्ट भेल अछि जे हुनका संग धोखा भेलनि अछि त' ओ पुलिसक मदति मांगि रहल छथि.

 
एहि जालसाजी मामिला मे निधि कें कहल गेल छलनि जे ओ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी मे जर्नलिज्म केर एसोसिएट प्रोफेसर जॉइन करतीह. पहिने सितंबर 2020 मे यूनिवर्सिटी जॉइन करबाक बात कएल गेलैक मुदा फेर महामारी कें कारण बता जनवरी 2021 लेल टालि देल गेलै. निधि राजदान जेना ट्वीट मे जानकारी देइत छथि ओहि अनुसार हुनका जखन शंका भेलनि त' ओ सोझे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी केर वरिष्ठ अधिकारी लोकनि सं संपर्क केलनि. तखन ई बात सोझां आएल जे यूनिवर्सिटी दिस सं हुनका कोनो ऑफर नै देल गेल छल, निधि सफिस्टकेटिड फिशिंग केर शिकार भेलीह अछि.

आब एहि सम्पूर्ण मामिला मे निधि राजदान कार्रवाई केर मांग करैत छथि. दोसर दिस बहुत रास सोशल मीडिया यूजर हुनका ट्रोल सेहो क' रहल अछि. एकटा पढ़ल-लिखल सजग पत्रकार सं भेल एहन गलती वास्तव मे अचंभित करैत अछि. ऑनलाइन कोनो तरहक बातचीत आ कि ऑफर आदि पर आंखि मूनि किन्नहु भरोस नै करी.

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