किताब पढ़ब त' रहब फिट, ई साबित भेल अछि! - मिथिमीडिया - Maithili News, Mithila News, Digital Media in Maithili
किताब पढ़ब त' रहब फिट, ई साबित भेल अछि!

किताब पढ़ब त' रहब फिट, ई साबित भेल अछि!

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किताब पढ़ब किछु गोटेक आदति त' किछु गोटेक शौक होइत अछि. मुदा एक अध्ययन मे ई साबित भेल अछि जे रोज किताब पढ़ने स्वास्थ्य संबंधी कतेको लाभ होइत अछि. तैं सभ कें रोज किछु समय किताब पढ़बा मे बितेबाक चाही. जओ आदति नै हो त' आदति लगा लिय'...एकर अनेको लाभ अछि.

दिमागक कसरत: किताब पढ़बा काल जतेक दिमाग एक्टिव रहैत अछि, ततेक अन्य कोनो काल में नै. टीवी देखैत, रेडियो सुनैत वा इंटरनेट देखबा काल दिमागक सभ हिस्सा नै जागल रहैछ. दिमागक कसरत किताबे सं संभव अछि. संगहि तनाओ सेहो एहि सं कम होइत अछि.

असल मे, कथा पढबा काल दिमाग ओहि मे लागि जाइत अछि आ तनाओ अपने कम भ' जाइत अछि. किताब पढ़ने रिलैक्स अनुभूति होइछ, जाहि सं निन्नो नीक जकां होइछ आ ई सोझे स्वास्थ्य पर नीक प्रभाव करैत अछि. वास्तव मे इलेक्ट्रॉनिक्स केर कृत्रिम लाइट दिमाग कें संकेत देइत अछि जे एखन एक्टिव रहल जाय, तैं सुतबा सं एक घंटा पहिने टीवी वा सेल फोन सं दूर भ' जेबाक चाही.

एतबे नै, किताब पढ़ने स्मरणशक्ति मजगूत होइछ. एही सं पोथी पढ़बाक आदति राखब जरूरी अछि. मातृभाषाक पोथी आओर बेसी लाभकारी होइछ!


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