मैथिली फिल्म बना लाभार्जन संभव : अमितेश शाह - मिथिमीडिया
मैथिली फिल्म बना लाभार्जन संभव : अमितेश शाह

मैथिली फिल्म बना लाभार्जन संभव : अमितेश शाह

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'कमला' सन फिल्म केर लेखक-निर्देशक अमितेश शाह 'दरभंगा अंतर्राष्ट्रीय चलचित्र उत्सव' मे उपस्थित छलाह. एहि अवसर पर हिनका सम्मानित सेहो कयल गेल. फेस्टिवल मे हिनक फिल्म सभ सं बेसी चर्चित रहल. प्रस्तुत अछि अमितेश शाह सं भेल बातचीतक अंश— 

मैथिली सिनेमाक वर्तमान स्थिति केहन अछि?
नीक नहि कहल जा सकैत अछि. बहुत बेसी काज करबाक आवश्यकता अछि. एक-आध फ़िल्मक निर्माण सं संतोष नहि अछि. लगातार फिल्म बनबाक चाही.

मैथिली मे नीक फिल्मकार सभ छथि, मुदा फिल्म निर्माण होइते कम अछि. एहि पर किछु कहू?

मैथिली मे फिल्म निर्माण गति तखन पकड़त जखन प्रोड्यूसर सभ निधोख टाका लगओताह. हं, फिल्मकार लोकनि कें सेहो साबित करय पड़तनि. लाभ नहि त' खर्च वसूली हो ताहि पर धियान देबय पडत. मैथिली फिल्म निर्माण क्षेत्र मे किछु कटिबद्ध लोकक पूर्ण खगता अछि.

मैथिली मे फिल्म कम बनैत अछि आ जे बनितो अछि से कहिया थियेटर मे अबैत अछि आ कहिया उतरैत अछि तकर कोनो ठेकान नहि. दर्शक तकिते रहैछ आ फिल्म निपत्ता?
एहि मे कतेको समस्या अछि. मुख्य बात अछि जे बेसी फिल्म शौखे बनाओल जाइत अछि. लोक जतय-ततय व्यस्त रहैत छथि. एहना मे मैथिली फिल्म लेल दर्शक वर्ग तैयार नहि भ' पबैत अछि आ थियेटर भेटय मे सेहो दिक्कत होइत अछि. 


'डिफ्फ' मे मैथिली फिल्म कें करमुक्त करबाक लेल आवाज उठल अछि. एहि सं केहन  लाभ होयत?
सरकारी सहयोग आ प्रोत्साहन बहुत काज करैत छैक. मुदा सभ सं मुख्य बात फिल्म बनब आ प्रदर्शित होयब अछि. लगातार फिल्म बनैत रहत त' इ सभ समस्याक सहजें  निदान भ' जायत.

अहांक फिल्म 'कमला' फेस्टिवल मे सभ सं बेसी चर्चित रहल अछि. दर्शक कें कहिया धरि अहांक फिल्म देखबा लेल भेटत?
हम एकटा मैथिली फिल्म लेल स्क्रिप्ट पर काज क' रहल छी. शीघ्र मैथिली फीचर फिल्म आनब. पारिवारिक फिल्म अछि ई. नाओ डिसाइड नहि भेल अछि एखन. समय अयने औपचारिक घोषणा करब.
 
बहुतो भाषाक फिल्म कोलकाता मे मात्र एक शो चलैत अछि आ नीक चर्च आ लाभ अर्जित करैत अछि. अजय यश केर 'गरीबक बेटी' एहिना देखाओल गेल छल. एहि पर किछु कहू?
चैरिटी शो केर चलन बढ़ल अछि. कम बजट मे फिल्म बना लाभार्जन करबाक सेहो ट्रेंड चलल अछि, मैथिली फिल्म जओ एहि तरहें देखाओल जाय तइयो बहुत बेसी नीक रहत. मुदा मैथिली फिल्मकार सभ एहि दिस उदासीन छथि. एकटा मैथिली फिल्म केर निर्देशक काठमांडू मे चैरिटी शो केर बात क' बम्बइ चल गेलाह. असल मे फिल्म बनैत अछि आ लोक प्रदर्शन आ आन-आन पक्ष पर मेहनति नहि करैत छथि आ कहैत छथि जे लाभ नहि भेल. फिल्म बना नीक नीति पर चलल जाय त' कम बजट मे नीक मैथिली फिल्म बना लाभार्जन संभव अछि. 


मैथिली मे अनेक प्रयोग भ' रहल अछि. अहां केहन फिल्म केर पक्ष मे छी?
मिथिला मे अपन भाखा, अपन संस्कृति आ अपन सभ किछु अछि. कही त' मिथिला केर अपन एक दुनिया अछि.  हमरा सभ लग सभ किछु अछि. एकरा फ़िल्मक माध्यम सं कोना प्रजेंट करी से सोचबाक विषय अछि. मैथिली मे प्रतिभाक कमी नहि अछि. हम स्तरीय फिल्म निर्माण केर पक्ष मे छी.

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