लोकनायक सलहेस पर चर्चा-परिचर्चा

> १० बुन्दे घोषणापत्र जारी करैत सम्पन्न
सिरहा (नेपाल). मैथिली लोक संस्कृति संगोष्ठी अन्तर्गत लोकनायक सलहेसक सम्बन्धमे विशेष अध्ययन अनुसन्धान करबाक उद्देश्य सँ नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान संस्कृति विभागक संयोजन तथा रंगदर्पणक आयोजनमे सिरहाक सिरहाबजारमे भेल दू दिविसीय लोक नायक सलहेस चर्चा परिचर्चा भाग दू १० बुन्दे घोषणापत्र जारी करैत सम्पन्न भेल अछि. नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्य एवं संस्कृति विभाग प्रमुख प्राज्ञ रामभरोस कापडिकेँ अध्यक्षतामे भेल ओ गोष्ठीक उद्घाटन लोक संस्कृतिविद्द डॉ प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन', डॉ रामानन्द झा 'रमण', सिरहाक प्रमुख जिल्ला अधिकारी आ डॉ महेन्द्र नारायण राम संयुक्त रूप सँ कएने छलथि. दू दिन गोष्ठी अन्तर्गत चारिटा कार्यपत्र प्रस्तुत कएल गेल छल.
जाहिमे सलहेसक जन्म सम्बन्धी, सलहेसक राजनितिक आ सामाजिक योगदान सम्बन्धी, राजाक रूपमे सलहेसक व्यक्तित्व सम्बन्धी आ सलहेसक स्वरुप सम्बन्धी कार्यपत्रसभ क्रमशः चन्द्रेश, डॉ नरेन्द्र कुमार सिंह 'निराला' (प्रस्तुती डा. रेवती रमण लाल ), डा. महेन्द्रनारायण राम आ डा. प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' प्रस्तुत कएने छलथि. हुनका सभक कार्यपत्र उपर डा.अरुण कुमार कर्ण, डा. रामानन्द झा रमण , डा.चन्देश्वर प्रसाद यादव, डा. योगानन्द झा टिप्पणी कएने छलथि. गोष्ठीमे कार्यपत्रसभपर विस्तृत छलफल भऽ अन्तिम दिन ५ गते सलहेस सम्बन्धी विस्तृत अध्ययन विश्लेषण एवं व्यक्तित्वक विकासकेँ लेल १० बुन्दे घोषणा पत्र जारी कएल गेल. तहिना जेठ ५ गते जानकी नवमीक  अवसरमे विशेष कवि गोष्ठीक सेहो आयोजन कएल गेल छल. जेठ ४ गते आयोजक  संस्था रंगदर्पण रामभरोस कापडि भ्रमरद्वारा लिखित राजा सलहेसक मंचन कएने छल. नाटकमे सलहेस राजा कुलेश्वरद्वारा बन्दी बनाओल गेलाक बाद हुनका छोडाबय हुनक प्रेमिका दौना मालिनी नहि कि हुनक कनिया श्रीमति सत्यवती नटीनक भेषमे चोहर मल्लकेँ चोरीभेल गहना सहित पकडि राजा कुलेश्वरक आगु ठाढ कऽ अपन  पतिव्रताधर्मकेँ पालन कएने प्रसंग विशेष रुपमे प्रस्तुत कएल गेल छल.
कार्यक्रमक उदघाटन समारोहमे लोक नायक सलहेस गाथाकेँ विषयमे विशेष अध्ययन अनुसन्धान कएने वापत डा. प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' , डा. महेन्द्र नारायण राम, प्रेस काउन्सिलक सदस्य चन्द्रदेव कामति आ मैथिली कविताक क्षेत्रमे विशेष योगदान बापत चन्द्रशेखर लाल शेखरकेँ सम्मानित कएल गेल.
उदघाटन समारोहमे नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानद्वारा प्रकाशित एवं रामभरोस कापडि भ्रमरद्वारा सम्पादित लोक नायक सलहेस द्वितिय आ हुनके द्वारा सम्पादित आ प्रकाशित नेपालक सभ सँ जेठ  मैथिली समाचारपत्र गामघरक ३० वर्षिय विशेषांककेँ सेहो विमोचन कएल गेल छल. एहि सँ पूर्व उदघाटन सत्रमे बजैत कार्यक्रम संयोजक प्राज्ञ कापडि प्रज्ञा प्रतिष्ठान सलहेसकेँ स्थापित करेबाक लेल विभिन्न पहलसभ कएने होइतो सिरहा वासी स्वयं प्रयास नहि करयधरि सलहेसकेँ जनस्तरमे स्थापित करय नहि सकबाक बतौलनि. ई दायित्व सिरहावासी काँन्हपर रहल हुनक कहब छलनि. कार्यक्रममे डा. प्रफुल्ल कुमार सिंह 'मौन' लोक नायक सहले
क विषयमे विद्वानसभ बीच बहुत रास विवादसभ रहला सँ विस्तृत अध्ययन अनुसन्धान कऽ साझा धारणा बनाबय परबाक आवश्यकता देखौलनि. ओ कहलनि (‘हमरासभ बीच सलहेसक विषयमे बहुत रास मतान्तरसभ अछि. तएँ ओहिकेँ साझा धारणा बनाबय सेहो खोजविनक संगहि पुरातात्वीक अध्ययन सेहो आवश्यक अछि. ओ लोकनायक मात्र छलथि कि राजा सेहो छलथि ताहि विषयमे सेहो अनुसन्धान करय परत.’ एहन गोष्ठीसभ सँ ओहि मतान्तरकेँ कम करयमे बडका योगदान पहुँचत हुनक कहब छलनि.
(Report/Photo:  मिथिमीडिया ब्यूरो)

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