कोकिल मंच करत 'पातक मनुक्ख' केर मंचन

कलकत्ता. मैथिली नाट्य संस्था कोकिल मंच, कोलकाता द्वारा 3 फ़रवरी 2013 कें सांझ 4:30 बजे महानगर स्थित महाजाति सदनमे मैथिली नाटक 'पातक मनुक्ख' केर मंचन होयत. पं. गोबिन्द झा द्वारा लिखल कथा पर आधारित अछि ई नाटक, जकरा नाट्य रूप देने छथि नाट्यकार अरविन्द 'अक्कू'. मंचन केर जनतब देइत नाट्य निर्देशक गंगा झा हर्ख व्यक्त करैत कहलनि जे जेहन नाटकक तलाश छल से पूरा भेल. एहि बेर पातक मनुक्ख कें मंच पर आनब. नाटकक चयनक पश्चात् तैयारी सेहो चलि रहल अछि.
ज्ञात हो जे कोकिल मंचक स्थापना 1989मे मूलत: सांस्कृतिक गतिविधिक ध्यानमे केन्द्रित करबाक उद्देश्य सं कयल गेल छल. मंच कुल 30 गोट मैथिलीक मौलिक आ अनुदित नाटकक मंचन गंगा झाक सफ़ल निर्देशनमे कलकत्ता सं मिथिला धरि निरंतर सफ़लतापूर्वक करैत रहल अछि. किछु दिन पहिने कोलकाता मिथियात्रीक-झंकार द्वारा मैथिली नाटक 'शेष नइ' केर सफ़ल मंचन भेल छल आ दर्शक लोकनिकवाहवाही बटोरबा मे सफ़लता भेटल छल. आशा कयल जा रहल अछि निस्सन नाट्य-निर्देशक गंगा झाक निर्देशनक बसात आ माजल रंगकर्मी लोकनिक अभिनय करामात 'पातक मनुक्ख' कें खूब डोलायत. (Report : भास्कर झा)

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