खुरचनभाइ कें साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार


Sahitya Akademi Yuva Puraskar : मिथिमीडिया सम्पादक ओ साहित्यकार रूपेश त्योंथ कें हुनक पोथी व्यंग्य संग्रह खुरचनभाइक कछमच्छी लेल साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार 2022 देल जएबाक घोषणा भेल अछि. मूल रूप सं मधुबनी जिलाक त्योंथा गाम निवासी रूपेश मैथिली साहित्य मे नवकृष्ण ऐहिक नाम सं व्यंग्य लिखैत छथि. 

रूपेश कोलकाता मे रहैत छथि आ आइटी प्रोफेशनल रूप मे कार्यरत छथि. ई लगभग डेढ़ दशक सं स्वतंत्र लेखन सेहो करैत आबि रहल छथि. हिनक पहिल रचना 'जागू आब' शीर्षक कविता श्री मिथिला पत्रिका मे वर्ष 2006 मे प्रकाशित भेल छल. मैथिली भाषा मे कविता संग्रह 'एक मिसिया' (2013), व्यंग्य संग्रह 'खुरचनभाइक कछमच्छी' (2015) प्रकाशित छनि.


हिनक लिखल व्यंग्य नाटक 'कनफुसकी' केर सफल मंचन भेल अछि. वर्ष 2012 सं मैथिलीक प्रतिष्ठित ऑनलाइन पत्रिका मिथिमीडिया केर सम्पादन व संचालन करैत आबि रहल छथि. हिनका एहि सं पहिने नवहस्ताक्षर पुरस्कार, नवआयाम प्रतिभा सम्मान, संस्कृति मंत्रालय अन्तर्गत सीसीआरटी दिस सं जूनियर फेलोशिप अवार्ड आदि सं सम्मानित कएल गेल छनि.


ज्ञात हो जे पुरस्कृत पोथी खुरचनभाइक कछमच्छी मैथिली दैनिक मिथिला समाद मे अगस्त 2008 सं दैनिक स्तम्भ रूप मे प्रकाशित होइत छल. लगभग 300 व्यंग्य एहि लोकप्रिय दैनिक स्तम्भ अंतर्गत लिखल गेल. वर्ष 2015 मे मैलोरंग दिल्ली सं एकर संग्रह प्रकाशित भेल जाहि मे चुनल पचास गोट व्यंग्य सम्मिलित अछि.

   
पोथी मे खुरचनभाइ माध्यम सं व्यंग्य समक्ष राखल गेल अछि. खुरचनभाइ हमरा लोकनिक भीतरक ओ नीक लोक छथि, जिनका नीकक नीक आ बेजाएक बेजाए चट द’ लगै छनि. हिनक कछमच्छी हमर-अहांक ओ अव्यक्त कछमच्छी छी जे नाना व्यस्तताक कारणे मोने मे कतहु दबल रहि जाइए. विविध विषयक गप्प-सरक्का व्यंग्यक थारी मे परोसल गेल अछि जे कखनो हंसबैए, कखनो चुट द’ कटैए, कखनो सोचबा लेल मजबूर करैए.

स्रोत : विज्ञप्ति 
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