'हुनका संग मन मैलोरंग'

पुत्रीक संग सुप्रसिद्ध नाट्य निर्देशक प्रकाश झा 
ई संसार रंगमंच छै आ इश्वर एकर डाइरेक्टर छथि. एहन कहल जाइछ. ई बात तेना ने मोन मे बैसि गेल अछि जे निर्देशक फिल्मक हो वा रंगमंचक, ओकरा मे इश्वरीय तत्व ताकए लगैत छी. संघर्षक चरम पर सफलताक बास छै आ से वएह चरम पर पहुंचि सकैत अछि जकरा मे ओ इश्वरीय अंश हो आ से जागृत रूप मे. एहन व्यक्ति सभ सं भेंट क' अलगे संतोख भेटैत अछि. किछु दिवस पहिने एहिना रंगमंचक लोकप्रिय निर्देशक प्रकाश झा सं भेंट कएल. ओ कलकत्ता आएल छलाह कोनो व्यक्तिगत यात्रा पर. विगत बेरक हुनक कोलकाता आगमन पर भेंट करबाक तत्परता छल मुदा संजोग जे ओ हावड़ा टीशन पर राजधानी मे बैसल बाट तकैत रहलाह आ हम ट्रैफिक मे फंसल रहि गेलहुं आ राजधानी दिल्ली दिस क' हुनका नेने गेल. भेंट नै भेल. तैं एहि बेर हम हुनका सं भेंट करबाक अवसर गरगोटि क' रखलहुं. भेंट केलहुं.

किशोरवयसं प्रकाश झा आ मैलोरंग केर नाओ सुनैत आबि रहल छी. मधुबनीसं नोकरीक आसमे दिल्ली पहुंचल ओ युवक अविश्वसनीय रूपसं मैथिली रंगमंचकें सफलताक चरमपर ल' गेल आ पानिपर रेघा घिचि ओकरा स्थायी बना देलक. मैलोरंग आइ परिचयकें मोहताज नै छै. प्रकाश झा सं गप्पक' मोन मैलोरंग भ' गेल.

प्रकाश झा जेना अपनत्वसं हमरा रिसीव केलनि आ निश्चिंततासं गप्प केलनि से बेस प्रभावित केलक. मैथिल सेलिब्रिटीमे एहि बातक पूरा अभाव देखल जाइछ. तखन एकैसम सदीक सेलिब्रिटी बेसी उदार आ सोझराएल प्रवृतिक छथि, एहि बातक पुष्टि सेहो भेल. हमरा कनियो काल लेल नै लागल ई हुनकासं पहिल भेंट अछि. 

हमर छवि मीडियायुक्त अछि आ तैं लोक बेस चौपेतल गप्प करैत छथि जे कतहु किछु ई लिखि सकैत अछि. कतेको लोककें अपन छवि मेनटेन करबाक चिंता सेहो घेरने रहैत छनि. प्रकाश झा हमरा एहि सभसं बहुत-बहुत फटकी लगलाह. ई हुनका आओर विशेष बना देइत छनि. मधुबनीमे टटके संपन्न भेल 'मिथिला रंग महोत्सव' पर बात करैत प्रकाश कहैत छथि जे हमरा नीक टीम भेटल अछि जे मधुबनीमे नाटक करबाक साहस कएल. परिस्थिति विषम छै, तथापि गाम-गाम आब नाटक समाप्त भेल जा रहल अछि. यएह चिंता हमरा दिल्लीसं मधुबनी ल' गेल. ओतय हम फेल भेलहुं अछि. अपेक्षाक अनुरूप नै भेल. मुदा फेर करब. मिथिलामे गाम-गाम नाटक होइ छलैक जे आब बन्न सन भेल जा रहल छै. 

ओ कहैत छथि जे नाटकमे नीक करियर छै. युवासभकें नाटक खेलबाक चाही, नाटक पढबाक चाही. संतोखक गप्प जे लोक नाटक लेल काज करबा लेल आबि रहल छथि. दिल्लीमे पहिनो नाटक होइ छल मुदा मुख्य केंद्र सभपर नै. एखन मैथिली नाटक लेल मैलोरंग सहित आओरो संस्था सभ सालमे कएकटा नाटक खेलाइत अछि. आब नाटककें गाम दिस ल' जेबाक बेर छै. एक बेर नाटक गाम-गाम शुरू हेबाक चाही. तखने नाटक बांचल रहतैक. आइ हमहूँ गाममे नाटक करैत छलहुं आ तखन आगू नाटक करैत रहलहुं. लोक ओत्तहिसं अओतैक.

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प्रकाश अपन संघर्षक दिन मोन पाडैत कहैत छथि, शुरूमे हमरा नाटक लेल एकटा छात्रवृति भेटल. नाटक खेलबाक लेल दरमाहा भेटब अजगुत लागल छल आ ओतहिसं भेल जे नाटकमे रमि जाइ. एहूमे करियर छै आ संभावना असीमित छै. तखन हमरा पथप्रदर्शक लोकनि सेहो भेटलाह आ सहयोगी लोकनि सेहो जे लगातार नाटक लेल काज करब संभव भेल. 

प्रकाश मैलोरंगक कलाकार सभक नाओ लेइत कहैत छथि जे सभ तरहक प्रतिभासं भरल टीम अछि. एकपर एक कलाकार आ सभसं विशेष बात जे ओहि कलकार सभमे अभिनयक प्रति समर्पण अद्भुत छै. एही बलपर मैलोरंग एहन नाट्यदल बनि सकल जे 5टा अलग-अलग नाटक लगातार  क' सकैत अछि. देशमे नै छै एहन कोनो नाट्यदल जकरामे ई सामर्थ्य हो. ई उपलब्धिसं कम नै अछि हमरा लेल. 

प्रकाश दिवंगत साहित्यकार-कलाकार कुमार शैलेन्द्रकें मोन पाडैत कहैत छथि जे ओहन प्रेरक लोक छलाह हमरा सभक मध्य जे बहुतो काज कएल संभव भ' सकल. हुनका सहयोग आ प्रेरणा हमरा सभकें आगू अनलक अछि. ओहन लोक भेटब मोसकिल. मलंगिया नाट्य महोत्सवक प्रेरणा वएह देलनि. महोत्सवक सफलताक क्रेडिट ओ टीम वर्ककें देइत कहैत छथि जे अहां जे कोनो काज मोन द' करबैक त' सफल हेबे करतैक. 

प्रकाश कहैत छथि जे हम एहन तुर्क ठाढ़ करबाक इच्छा रखैत जे नाटकक भविष्य लेल हमरा निश्चिन्तक' सकैत अछि. भने एखन नाटकमे आबएकाल मोन छओ-पांच होइत हो लोकक मुदा ई काल्हि केर नीक करियर विकल्प हेतैक.

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प्रकाश झा नाटक करैत पनरह बरखसं बेसी समयसं सक्रीय छथि. एक मोकामपर छथि मुदा एखनो हुनकामे नाटक लेल काज करबाक भूख हमरा बेस आश्वस्त क' गेल. ओ सकारात्मकता, ओ सिनेह, ओ एनर्जी कहां भेटैत अछि सभतरि. प्रकाश झासं मैलोरंग आ मैथिली नाटक सहित विभिन्न मिथिला-मैथिली बिंदुपर गप्प भेल आ बहुत रास गप्प समयाभावक बलि चढ़ल. एहि आसमे जे फेर भेटब. 

— रूपेश त्योंथ 

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