गंगा सागरमे मूर्ति भसएबासँ बचि रहल अछि लोक


जनकपुरधाम: कोनो पूजा भेल कि मूर्तिसभके जनकपुरक गंगा सागरमे भसएबाक परम्परे बनि गेल छल. मुदा आब ओकर ठीक विपरीत लोक मूर्ति भसएबासँ बचि रहल अछि. एतेकधरि कि पोखरिक मोहारपर मूर्ति लऽ परिक्रमा करैत अछि मुदा आब धरि गंगा सागरमे नहि फेकैत अछि. सेभ हिस्टोरिकल जनकपुरक अध्यक्ष रामअशीष यादव जनचेतनाक अनुपम उदाहरण एकरा मानैत छथि. जनता अपने पोखरि सफा कएलाक फल गंगा सागरमे एहन परिवर्तन आएल हुनक कथन रहल अछि. सफाइ अभियानक बाद कृष्ण जन्मोत्सव आ गणेश पूजा दूटा मूर्ति भसावएबला उत्सव सम्पन्न भेल अछि. मुदा कतहुँ कोनो प्रकारसँ भसावएबला दृश्य नहि देखल गेल.
सेभ हिस्टोरिकल जनकपुरक अध्यक्ष यादव कहैत छथि ककरो किछु कहए नहि पडल, लोक आप से आप भसावएसँ दूरी बनौलनि. भसौलाक बाद पहिने गंगा सागरक पानि पीयर आ लाल भऽ जाइत छल मुदा एहिबेर ओहिना निर्मल सफा गंगा सागर लागि रहल अछि. सुर्यकिशोर मार्गमे गणेश पूजा करएबला गणपति महोत्सव आयोजक समितिक सल्लाहकार सोहन ठाकुर कहैत छथि गंगा सागरके नमूना स्थल बनावएके अछि, ओहिमे तऽ आब निर्मालो फेकनाइ अपराध हएत. भसावए काल गंगा सागरक पानिसँ गणेशक मूर्तिके एहिबेर सिख्त कएलहुँ अछि ओ कहलनि. जनकपुरमे कृष्णाष्ठमी आ गणेश पूजनोत्सवक अधिकांश मूर्ति दुधमती नदीमे विसर्जन कएल गेल अछि. ज्ञानकुपमे गणेश पूजा कएने भरत सिंह कहैत छथि हमसभ पहिनहुँ पोखरिमे मूर्ति नहि भसवैत छलहुँ. मूर्तिमे बहुत रास पेन्टसभ प्रयोग कएल जाइत अछि ओ पेन्टसभ स्थिर जलमे रहएबला प्राणीसभके लेल हार्मफुल होइत अछि ई बात बुझएबलाके संख्या जनकपुरमे बढि रहल अछि. 
(Report/Photo: सुजीत कुमार झा)

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