धुकचुकयलाह गीतेश, ठहक्का पडल बेस - मिथिमीडिया - Maithili News, Mithila News, Digital Media in Maithili
धुकचुकयलाह गीतेश, ठहक्का पडल बेस

धुकचुकयलाह गीतेश, ठहक्का पडल बेस

Share This
कलकत्ता. मैथिली साहित्यिक गोष्ठी मे गीतेश शर्मा मैथिली बजैत-बजैत कखन बांग्ला बाजब शुरू क' देलनि से हुनको पछाति ज्ञात भेलनि. एहि सं प्रेक्षागृह मे दर्शकक जोरदार ठहक्का पडल. संगहि मैथिली संगे बांग्ला केर स्वाभाविक जुडाव झलकल, जे कोनो तर्क आ शोधक मोहताज नहि अछि.
मिथिला विकास परिषद् द्वारा आयोजित आ अंजय चौधरी द्वारा संयोजित साहित्यिक अनुष्ठान मे रविदिन २३ सितम्बर २०१२ कें भारतीय भाषा परिषद् मे प्रसिद्ध पत्रकार गीतेश शर्मा अभिभाषण शुरू कयलनि. ओ पूर्ण रूपें प्रवासी मैथिल छथि. हुनक मातृभाषा मैथिली छनि जे ओ अपने स्वीकार करैत छथि. बेगूसराय केर गीतेश शर्मा हिन्दी/अंग्रेजी केर चर्चित व्यक्तित्व छथि. अमैथिल वातावरण मे कतेको दशक सं सक्रिय गीतेश जखन माइक पकडलनि त' मैथिली मे शुरू भेलाह मुदा किछुए क्षण उपरान्त बांग्ला फेर पुनः हिन्दी बाजय लगलाह. हुनका जखन लगलनि जे हम मैथिली बजैत-बजैत आब बांग्ला मे बाजि रहल छी, त' ओ हिन्दी बजैत कहलनि जे दशकोक प्रवास आ मैथिली-बांग्ला केर निकटता धुकचुका देलक. मैथिली उसरल नहि तैं आब हिन्दीए मे अपन बात कहैत छी.
खैर जे हो गीतेश शर्मा आ हुनका सन-सन व्यक्तित्व सं मिथिला धन्य अछि. माय केर बेटा कतहु रहौ, नाओ करौ, मनुख बनौ. माय ताही मे तिरपित. मैथिली कें जतबे गुमान यात्री पर छैक ततबे नागार्जुन पर.  
(Report: मिथिमीडिया ब्यूरो)     

Post Bottom Ad