अनुशासनहीनता आंदोलनक पैघ बाधाः धनाकर ठाकुर

अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषदक प्रवक्ता एवं भारत मे पृथक मिथिला राज्य आंदोलनक एकटा प्रमुख सेनानी आ' दिशा-निर्देशक डॉ. धनाकर ठाकुर सँ चंदन कुमार झा द्वारा लेल गेल ऑनलाइन साक्षात्कारक संपादित अंशः-





पृथक मिथिला राज्यक लेल आंदोलनक क्रम मे एखन धरि अपने जतेक यात्रा कएलहुँ ताहि मे विभिन्न जगह पर एहि आंदोलनक प्रति जे लोक सभमेँ सहयोग एवं उत्साहक भावना देखल तकरा संबंध मे किछु संक्षिप्त जानकारी दी.
कतहु गेला पर लोकक सहयोग भाव जरूर छनि. एतेक दिन मे यएह कहब जे बीस बरख पहिने हम जहिया एहि यात्रा पर निकललहुँ, प्रायः एकसरे छलहुँ. आइ बहुत लोक छथि, बहुत ठाम छथि वा कही त' सभ ठाम छथि. आइ मिथिला राज्यक चर्चा भारतीय मिथिला सँ बाहरहुँ भ' रहल अछि जाहि सँ प्रसन्नता होइत अछि. मुदा, आओर लोक चाही आ' एहि आंदोलन लेल एकटा कर्मठ आ' अनुशासित टीमक एखनो खगता बनले अछि.

आंदोलन से बेसी सँ बेसी लोक जुड़थि एवं एहि मुद्दा पर जन-जागरणक लेल अपने एकटा कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर सेहो निरंतर ठाम-ठाम आयोजित करैत छी. एहि संबंध मे किछु कहल जाए.
एखनधरि कुल ३१ टा प्रशिक्षण शिविर हम लगा चुकल छी. हरेक प्रशिक्षण शिविर तीन दिनका होइत छैक. ई शिविर सभ मिथिलाक कोन-कोन मे भेल अछि आ मिथिला सँ बाहरो जेना दिल्ली, राँची, इत्यादि स्थान पर. एखनधरि एहि शिविर सभक माध्यम सँ कुल ८०४ टा कार्यकर्ता कें प्रशिक्षित कए प्रमाणपत्र देल जा चुकल अछि.
ओना संभव छैक जे एहि सँ दोबर लोक शिविर मे भाग लेने होयताह. एमहर प्रवीण नारायण चौधरीक संयोजकता मे १३ अगस्त २०१२ सँ एकटा ऑनलाइन प्रशिक्षण शिविर सेहो चालू भेल अछि. ई ऑनलाइन कार्यक्रम १३-१४ दिन चलत आ' क्रमशः मिथिलाक भूगोल, इतिहास, मिथिला राज्यक लेल आंदोलन आ एहि सँ संबंधित आन-आन विषय पर चर्चा कएल जाएत. एहि विषय सँ संबंधित जँ किनको कोनो प्रश्न रहतन्हि  त' ओकरो उत्तर देल जाएत. प्रशिक्षणक समापन के उपरांत एहि मे भाग लेनिहार केँ यथास्थान सशरीर उपस्थित भेला पर प्रमाणपत्र सेहो देल जेतन्हि. कार्यकर्ता बनब सभसँ कठिन आ' सभसँ आवश्यक छैक. मिथिला मे नेताक कमी नहि छैक. आब कार्यकर्ता चाही. एतदर्थ एहन शिविर सभक आयोजन कएल जाइत अछि.

मिथिला-मैथिली आंदोलन पर ई हरदम आरोप लगैत रहलैक अछि जे एहिमे हरदम सवर्ण कें प्रधानता देल जाइत छैक.एहना मे अहाँक एहि प्रशिक्षण शिविर सभ मे मैथिल-सर्वहारा कें कतेक सहभागिता छनि?
अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद मे समाज के सवर्ण आ' कि अवर्ण मे बाँटि कए देखक वा एहि पर बात करक परंपरा नहि छैक. हालहि मे तरौनी मे प्रशिक्षण शिविर सपन्न भेल जाहि मे कुल सतरह टा प्रशिक्षु मे से छह गोटे सर्वहारा वर्गक प्रतिनिधित्व करैत छलथि. एहि सँ अंदाज लगा लिअ' हुनकर सभक सहभागिता केँ.सभागाछी मध्य भेल ब्राह्मण सभा मे सेहो एकटा गैर-ब्राह्मण रहथि. हमरा सभकेँ ओहिसँ दिक्कत कहाँ भेल. समाजके बाँटि कें  देख' केर एहि परंपरा पर मैथिलीसेवक कें रोक लगेबाक चाही. आइ जं मैथिली अष्टम अनुसूची मे अछि त' सभसँ पैघ पैरवीकार आर.एस.एस के प्रमुख के.एस.सुदर्शन के बाजपेयी जी ल'ग जे लए गेलाह ओ अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषदक अध्यक्ष डॉ.भुवनेश्वर गुरमैता के की कहबनि ? हुनका सँ नीक वर्ण "वर्णरत्नाकर" पर वर्णन लिखय मे जीवन लगाबय बला के' भेटत ? ओहन आदमी के सम्मान देब' सीखक चाही आ' ई सवर्ण-अवर्ण के बात बिसरय लेल छोट लकीर के आगाँ पैघ लकीर खीच' के AMP केर परंपरा मे सभ ढ़लि जाइ से नीक.

AMP जे मिथिला राज्यक परिकल्पना कएने अछि ओकर भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक आ' राजनैतिक स्वरूप केहन हेतैक आ' एकरा अहाँ कहिया धरि धरातल पर साकार होइत देखैत छी?
भारत आ' नेपाल मे पृथक मिथिला राज्य जहिना पंजाब भारत आ' पाकिस्तान मे छैक. समाजक सभ वर्ग के व्यवस्था मे समान सहभागिता.आर्थिक रूपेँ जल आ' मानव संसाधनक बलेँ उचित समायोजन सँ स्वयं समर्थ भऽ समृद्ध हेबाक राखय बला राज्यक रुप मे हम सभ मिथिला राज्यक कल्पना कएने छी. राजनैतिक रुपेँ स्थिर आ' देशमे राजनैतिक स्थिरता आनय बला (मिथिलाक बाहर भारत मे ६८ टा लोकसभा सीट पर मैथिल मतदाता निर्णायक छथि) मिथिला राज्य बनत जे देशक सुरक्षा कवच आ' सांस्कृतिक भाल बनत जेना कहियो मिथिला छल.
धरातल पर ताहिसँ पहिने बनि जाएत जतेक समय कियो सोचैत छथि.हम अपन विचार एहिपर नहि थोपब.हमरा लेल ई एकटा मिशन अछि जकर समयसीमा नहि होइत छैक.

"पृथक मिथिला राज्य" एकटा सूच्चा राजनैतिक विषय छैक.तखन मिथिलाक वर्तमान राजनैतिक दल आ' प्रतिनिधि मे एहि राज्यक परिकल्पना आ' आंदोलनक प्रति केहन भाव छनि ?
राजनैतिक दल मात्र अगिला चुनावक लेल सोचैत छैक. अखिल भारतीय मिथिला पार्टी अपन स्थापनाक चौदह दिनक बादे पछिला चुनाव लड़ल छल एहि मुद्दा पर.अगिला चुनाव मे ओकर परीक्षा छैक. आन-आन राजनैतिक दल सेहो एकरा तखन एजेण्डा पर अनताह जखन ई पार्टी चुनाव मे निर्णय के प्रभावित करतैक.स्थानीय स्तर पर अनेक दलक विधायक, पार्षद, आ' नेता सभ एहि आंदोलनक मंच पर आबि मिथिला राज्यक समर्थन, तिरहुत, दरभंगा, पुर्णिया,
मुंगेर प्रमंडल मे घोषित कए चुकल छथि. ई संख्या क्रमशः बढ़त.

मिथिला राज्यक लेल अहाँक नजरि मे सभसँ पैघ बाधक की छैक?
आंदोलनक लेल कार्यकर्ता मे समय देबाक वृति आ' अनुशासनक अभाव.

नवका तूर मे अपने किनका एहन देखैत छी जे एहि आंदोलन के आगाँ बढ़ा सकैत छथि?
एहन अनेक नाम अछि.मुदा दरभंगा मे आदित्य झा, मनोकामना मंदिरक प्रांगण मे पछिला आठ सप्ताह सँ प्रत्येक रवि युवा राजीवक संग बैसारक आयोजन करैत छथि.एही तरहक प्रत्यक्ष आ' जागरणक लेल काज करैबला चाही. आंदोलन के लेल संगठन आवश्यक आ' संगठन हेतु आपसी बैसार मे विचारक आदान-प्रदान सेहो होयबाक चाही.

आब आजुक अंतिम प्रश्न-अपने मैथिल समाज कें (खास कऽ युवावर्ग कें) एहि आंदोलनक मादेँ की संदेश देबय चाहब?
जखन एहि आंदोलन (मिथिला राज्यक लेल) मे किछु आरो ताकत एतैक तऽ भारतक प्रायः सभ प्रांतक लोक आ राष्ट्रीयता के पक्षधर सभक समर्थन एहि आंदोलन के भेटतैक.आंदोलन शांतिपूर्ण चलत आ सफलता पाओत.युवा के कान्हेपर समाजक आस रहैत छैक से हमरो अछि.जँ ओ संगठित होथि एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करथि तऽ ई आंदोलन निश्चित सफलता पाओत.बाद बाँकि ओ अपन भविष्यक चिन्ता सेहो करथि.

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