मैथिली कवि सम्मेलन सं सराबोर भेल 'विद्यापति सदन'


मिथिला सेवा ट्रस्ट द्वारा 'कवि सम्मलेन 2021' केर भव्य आयोजन विद्यापति सदन, बागुइआटी, कोलकाता मे संपन्न भेल अछि. रविदिन 14 मार्च कें बेरिया 3 बजे सं शुरू भेल कवि सम्मेलन मे मुनहारि सांझ धरि लोक कविताक आनंद लैत रहलाह. सम्मेलन मे महानगरक नामी कवि लोकनि अपन कविता पाठ सं सब कें मुग्ध केलनि. 

कोलकाता महानगर मे विगत दू दशक सं सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक सेवा काज मे लागल 'मिथिला सेवा ट्रस्ट' एहि बेर साहित्यिक आयोजन सं एकटा नव दिशा मे डेग बढ़ओलक अछि. विद्यापति लिखित जय जय भैरवि गान सं शुरू भेल कार्यक्रम केर उद्घाटन न्यूज एजेंसी "हिन्दुस्थान समाचार" केर पश्चिम बंगाल ब्यूरो प्रमुख पत्रकार संतोष मधुप केलनि. एहि अवसर पर ओ भाषा-साहित्य केर उत्थान मे प्रवासी लोकनिक भूमिका पर इजोत देलनि. वरिष्ठ पत्रकार मधुप कहलनि जे समाजक अपन एक विशिष्ट सांस्कृतिक आधार होइत अछि. एहन साहित्यिक आयोजन सं मैथिल समाज केर सांस्कृतिक आधार आओर बेसी मजबूत आ समृद्ध होएत.


कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि मिथिला केर हृदयस्थली मधुबनी सं आएल कवि वशिष्ट कुमार झा मिथिला सेवा ट्रस्ट केर काजक सराहना करैत कोलकाता कें साहित्यिक आ सांस्कृतिक तीर्थ बतओलनि. अपन वक्तव्य रखैत मधुबनी जिला सरपंच-पंच संघ केर अध्यक्ष वशिष्ट बाबू माटि पर जोरगर आन्दोलनक जरूरति पर बल देलनि. मैथिली मे शिक्षा केर संगहि राजकाज मे सम्पूर्ण रूप सं मैथिली भाषाक उपयोग हो ताहि लेल सरकारी तंत्र पर जोर देल जेबाक जरूरति पर सेहो ओ ध्यानाकर्षण केलनि.


मिथिला सेवा ट्रस्ट केर संस्थापक चेयरमैन रमाकान्त झा अतिथि लोकनि कें स्वागत करैत कहलनि जे हम सब अपन माटि सं दूर छी मुदा जतय छी, ततय माटि कें गरगोटि क' पकड़ने छी. एहि बातक झलक ट्रस्ट केर वार्षिकोत्सव मे स्पष्ट देखबा मे अबैछ. जे केओ गोटे वार्षिकोत्सव मे सम्मिलित भेल छी, एकर अनुभूति अबस्से भेल होएत. आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, समाजसेवा काज केर त्रिवेणी बहैत रहैत छै. मिथिला सेवा ट्रस्ट एहि अंचलक मैथिल समुदाय सहित स्थानीय लोक संग घुलि-मिलि काज करैत अछि. जरदाबगान बागुइआटी लग सड़क सं लागल शिव मंदिर आ ओतहि कवि कोकिल विद्यापति प्रतिमा एकटा तीर्थ सन दृश्य उपस्थित करैत अछि. मिथिला सेवा ट्रस्ट द्वारा एतेक व्यापक काज बिनु उगनाक आदेश आ विद्यापतिक प्रेरणा सं संभव नै छलै! तहिये कोनो ने कोनो रूप मे मिथिला सेवा ट्रस्ट साहित्य सेवा दिस अग्रसर होएत से सुनिश्चित भेल.
 

कवि सम्मलेन कार्यक्रम रामलोचन ठाकुर कें समर्पित

रमाकान्त बाबू एहि कवि सम्मलेन कार्यक्रम कें निःखोज भेल साहित्यकार श्री रामलोचन ठाकुर कें समर्पित करैत कहलनि जे मिथिला सेवा ट्रस्ट केर साहित्यिक गतिविधि मे श्री रामलोचन ठाकुर सहयोगी ओ प्रेरणा रहल छथि. हमरा लोकनि अंतिम सामर्थ्य धरि हुनक संधान केर प्रयास केलहुं अछि आ क' रहल छी. आजुक ई कवि सम्मेलन हुनके समर्पित करैत छी. ईश्वरक विधान आगू मनुख कतेक लाचार अछि से पछिला एक साल कोरोना संकट आ ठाकुरजी कें निपत्ता भेने हम सब भोगि रहल छी. एखनो हम आशान्वित छी जे ठाकुरजी घुरि अओताह, धरि पुनः ईश्वरे करथिन तखने से संभव हेतै. कवि सम्मलेन बहन्ने हम सब ठाकुरजीक काज हुनक उद्देश्य हुनक बाट पर चलि रहल छी!


मिथिमीडिया केर पदावली योजना अंतर्गत आयोजित कवि सम्मेलन मे विनय भूषण, विजय इस्सर, अशोक भोली, रंजीत पप्पू, किरण झा, हिमाद्री मिश्र सहित कतेको नामी कवि अपन प्रस्तुति सं सब कें भाव-विभोर क' देलनि. कार्यक्रमक संचालन मिथिमीडिया संस्थापक सम्पादक ओ युवा साहित्यकार रूपेश त्योंथ केलनि. कार्यक्रमक अंत मे मिथिला सेवा ट्रस्ट केर दिलीप झा धन्यवाद ज्ञापित केलनि. कार्यक्रम कें सफल बनएबा मे विनोद कुमार यादव, सुनील कुमार झा, धनंजय झा, आलोक झा, रमेश झा, रमेश मिश्र, शशि कान्त झा, विजय कान्त झा, ललन राय, शिव शंकर झा, प्रदीप कुमार झा, हरे कृष्ण झा, उग्र नाथ झा, नवीन झा, राजीव ठाकुर, विभूति चौधरी, मुकेश झा, संजय झा आदि सदस्य लोकनिक महत्वपूर्ण योगदान रहलनि.