दूआखर: मिथिमीडिया कएलक सातम साल मे प्रवेश - मिथिमीडिया - Maithili News, Mithila News, Maithil News, Digital Media in Maithili Language
दूआखर: मिथिमीडिया कएलक सातम साल मे प्रवेश

दूआखर: मिथिमीडिया कएलक सातम साल मे प्रवेश

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आइ छओ साल पूरा भ’ गेल अछि मिथिमीडिया कें स्थापित भेला. ई बेस संतोषप्रद अछि जे हमरा लोकनि एहि माध्यम कें एतेक साल ने मात्र जिया लेने छी अपितु आगू सेहो बढ़ा रहल छी.

कलकत्ता सन महानगर मे, जतय 10 लाख सं बेसी मैथिल प्रवासी छथि, मिथिमीडिया सन पोर्टल आजुक बेगरता अछि. मुदा मैथिल लोकनि एहि प्रति उदासीन छथि, से कहैत कनियो असोकर्य नै भ’ रहल अछि.

एहि महानगर आ इर्द-गिर्द लगभग दू दर्जन सं बेसी मैथिल समुदाय सं जुड़ल संस्थादि सक्रिय अछि आ आजुक दिन सेहो एकाधिक कार्यक्रम भ’ रहल अछि. मुदा हुनका सब कें फूलमाला, गीतनाद आदि सं अधिक सोचबाक पलखति नै भ’ सकलनि अछि.

लगभग डेढ़ दशक सं समुदायक कार्यक्रम सभ कें लगीच सं देखि रहल छी आ ई हमर व्यक्तिगत अनुभव अछि. जाबे मीडियाक बेगरता लोक नै बूझत, मिथिमीडिया सन माध्यम सुचारू रूप सं नै चलि सकैत अछि. एहने सन कारण रहल अछि जे एहि किछु साल मे दर्जनो पोर्टल फूजल आ फेर बन्न भेल अछि.

समुदायवृंद कें एखनो ई बुझबाक अवगति नै भेलनि अछि जे जहिना कार्यक्रम आदि करबा लेल धनराशिक जरूरति होइ छै, तहिना कोनो मीडिया हो, बिनु आर्थिक सहयोग-समर्थन कें जीबैत नै रहि सकैछ. 

मीडियाक विकास हेतु हमरा लोकनि मे जतेक कछमच्छी अछि, ततेक संभवतः समुदायक लोक कें बेगरता नै भेलनि अछि. कछमच्छी आ बेगरताक जखन संतुलन हेतै, मीडिया तखने आगू डेग बढ़ा सकैत अछि.

जखन मीडियाक चुनौती पर बात उठैत अछि त’ ‘बड्ड काबिल’ लोक सबहक अनेरो सुझाओ सब अबैत रहैछ, मुदा से प्रायोगिक नै रहैछ. डिजिटल मीडिया मे काज करैत चुनौती कम छै, मुदा छै. समय, साधन आ संसाधन ओहिना नै अबैत छै. एहि बातक खियाल करब जरूरी अछि. 

कलकत्ताक उल्लेख एतय मात्र उदाहरणार्थ भेल अछि. एहने हाल लगभग सब ठामक छै. हमरा लोकनि डिजिटल मीडिया छी तैं काज क्षेत्र विशेषक लेल नै अपितु विश्व भरि मे पसरल समस्त मैथिल समुदाय कें धियान मे रखैत कएल करैत छी.  
    
मैथिली मे स्वतंत्र मीडिया ठाढ़ करबाक लेल भाषा आग्रही लोकनि कें संग आएब आवश्यक. एहना नै भेने मिथिमीडिया आ एहन सन प्रयास कें स्थायित्व लेल संघर्ष करैत रहए पड़तै.

संघर्षे करैत हमरा लोकनि सातम साल मे प्रवेश केलहुं अछि आ ई अत्यंत आह्लादक विषय अछि.

आरंभहि सं मिथिमीडिया कें पाठकक प्रेम भेटैत रहल अछि. देश-विदेश मे पसरल मैथिल बेर-बेर मिथिमीडिया पर आबि हालचाल सहित मैथिली साहित्य केर आस्वादन करैत रहैत छथि. मिथिमीडिया वेब पर अपन डोमेन मध्य एहन महत्वपूर्ण जगह अछि, जतय भाषा-साहित्य सं ल' आन-आन विषयक स्तरीय कंटेंट मैथिली भाषा मे उपलब्ध अछि.

एहि छओ साल मे हमरा लोकनिक सोझां अनेक एहन अवसर आएल अछि, जाहि सं उत्साह बढैत गेल अछि. औपचारिक शुरुआत केर किछुए दिनक बाद कोलकाताक लोकप्रिय दैनिकपत्र सन्मार्ग जनगणना मे मैथिलीक स्थिति पर अपन सर्वे आ समाचार लेल समाद लिखैत मिथिमीडियाक उल्लेख केने छल. पत्रिका मिथिला दर्शन केर संपादक उदय नारायण सिंह 'नचिकेता' अपन आलेख मे मिथिमीडिया कें मैथिलीक लोकप्रिय पोर्टलक रूप मे उल्लिखित केलनि. एकर संगहि अनेको ज्ञात-अज्ञात मंच पर मिथिमीडिया चर्चित-प्रशंसित होइत रहल अछि. 

साल 2014 मे हमरा लोकनि ‘वेब पत्रकारिता ओ मैथिली’ विषयक संगोष्ठी आयोजित केलहुं त’ साहित्य अकादेमी द्वारा पत्रकारिता पर आयोजित सेमिनार मे चर्चित भेलहुं. एतबे नै समय-समय पर एकर कंटेंटक चर्चा  रेडियो कार्यक्रम 'हेल्लो मिथिला' मे सेहो होइत रहल अछि. 

इहो कहि दी जे मिथिमीडिया दरभंगा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल केर मीडिया सहयोगी रहल त’ ओतहि फिल्म 'छुटत नहि प्रेमक रंग' केर मीडिया पार्टनर सेहो रहल अछि. भाषा-साहित्य आ मीडियाक विकास हेतु हमरा लोकनि लगातार कतेको प्रोजेक्ट सबहक संग मिलि काज क' रहल छी. संगहि अनेक एहन बात सब अछि जे हमरा लोकनि कें उत्साहित करैत रहैत अछि.

पाठक ओ अपन सभ सहयोगी लोकनिक प्रति आभार प्रकट करैत नूतन बरख आ नूतन चुनौती सहित आओर बेसी कार्य अवसर ल' आबए ताहि शुभकामना संग बधाइ. जय मैथिली!

— रूपेश त्योंथ

संस्थापक-संपादक, मिथिमीडिया 


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