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झारखण्ड मे मैथिली (अंगिका सहित) कें राजभाषाक दर्जा

झारखण्ड मे मैथिली (अंगिका सहित) कें राजभाषाक दर्जा

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झारखण्ड सरकार मैथिली (अंगिका सहित) कें राज्यक द्वितीय राजभाषाक दर्जा देलक अछि. मुख्यमंत्री रघुबर दास केर अध्यक्षता मे काल्हि 21 मार्च कें बैसल राज्य मंत्रिमंडल बिहार राजभाषा (झारखण्ड संशोधन) अध्यादेश 2018क प्रारूप कें स्वीकृति देलक अछि.

एहि अंतर्गत मैथिली झारखण्ड राज्यक द्वितीय राजभाषा बनि गेल अछि. एहि संगे राज्य सरकार मैथिली मे निर्देश आदि जारी करत. भाषा विकास ओ प्रसार लेल सरकारी नियमानुसार काज होएत.

जानकारी हो जे मैथिली (अंगिका सहित) संगे आब कुल 14 गोट भाषा कें झारखण्डक द्वितीय राजभाषाक दर्जा प्राप्त भ’ गेल अछि. सरकार जनगणना कें आधार बना एहन निर्णय लेलक अछि. 

धियान देबए योग्य बात ई अछि जे अंगिका लेल जनगणना केर आंकड़ा अलग सं नै छै, तथापि एकरा राजभाषा बनाओल गेल अछि. एतय ई स्पष्ट अछि जे चूंकि अंगिका बोलीक रूप मे अधिक व्यवहृत होइछ तैं जनसुविधा कें देखैत एकरा फराक सं उल्लिखित कएल गेल अछि. 

हालांकि मैथिलीक उपभाषा अंगिका कें फराक सं उल्लेख भेने मैथिलीप्रेमी मध्य क्षोभ देखल जाइछ. ओम्हर बिहार सरकार पहिनहि फराक अंगिका अकादमी गठित क’ मिथिलाक लोक कें चकित क’ देने छल. राजनीति छै, आ राजनीति मे नेता लोकनिक नेत पर नीति निर्धारित होइछ.

ओना मैथिली आ अंगिका दुनू लेल अलग-अलग सं उत्सव मना लेब सेहो बेजाए विकल्प नै हेतै. उपभाषा बढ़ने भाषा मजगूते होइ छै.

जनगणनाक आंकड़ा पर इजोत दी त' राज्य मे मगही बजनिहारक संख्या 6.82% (18,35,273),  भोजपुरी बजनिहारक संख्या 2.44% (6,56,393) आ मैथिली बजनिहारक संख्या 0.52% (1,41,184) अछि. जनगणना मे अंगिकाक जिकिर नै अछि. मगही आ भोजपुरी लातेहार, पलामू आ गढ़वा जिला मे मूल रूप सं बाजल जाइछ त' जमशेदपुर, दुमका, देवघर, गोड्डा आ साहेबगंज आदि जिला मे मैथिली बजनिहार छथि. ओना देखल जाए त' झारखण्ड मे सभतरि मैथिलीभाषी मूलवासी वा प्रवासी रूप मे भेटि सकैत छथि. मुदा आंकड़ा एकरत्ती दुब्बर अछि.

मैथिलीभाषी लेल ई बड़का उपलब्धि कहल जा सकैत अछि. ओना क्रेडिटक लूझ जारी रहतै तथापि झारखण्डक मैथिलीभाषी ओ भाषा स्वयंसेवी लोकनिक प्रयास एहि मे प्रबल रूप सं शामिल अछि.

आब बिहार सरकार मैथिली कें संग जे दुर्नीति खेला रहल अछि तकर सुधार करैत अछि कि नै, से देखबाक चाही. भारतक संविधान आ साहित्य अकादेमी मे शामिल भेलाक बावजूद अपन मूल प्रान्त बिहारे मे ई अवहेलित, उपेक्षित अछि.

मैथिलीक पक्ष मे झारखण्ड सरकार ई निर्णय मैथिलीक भविष्य लिखत, से विश्वास.

सब कें बधाइ!

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