राजविराज: सुनिल बाबूक स्मृति मे श्रद्धाञ्जलि सभा


प्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक डाक्टर सुनिल कुमार झाक देहावसानक तेरहम दिन मे राजविराज स्थित दूटा संस्था, मैथिली साहित्य परिषद आ मिथिला साहित्य-कला प्रतिष्ठान द्वारा श्रद्धाजलि सभा आयोजित कएल गेल.

मैथिली साहित्य परिषद राजविराजक संस्थापक कार्यकारिणी सदस्य रहल डाक्टर झाक इएह 30 अक्टूबर अर्थात कातिक 13 गते सोमदिन जनकपुर मे उपचारक क्रम मे देहावसान भऽ गेल छलनि. 15 फरबरी 1944 इ. (विक्रम सम्वत 2000 फागुन 3 गते) कें जन्म भेल डाक्टर झा कें एम्हर किछु मास सँ लिभर सम्बन्धी गम्भीर समस्या रहल छल जकर उपचार ओ अपन जमाए डा. राघवेन्द्र झा लग रहि कऽ करा रहल छलाह.

चौहत्तरम वर्ष चलि रहल डाक्टर झा अंग्रेजी विषय सँ एम. ए. कऽ बेलाइत सँ Maithili : Some Aspects of its Phonetics & Phonology विषय मे विद्यावारिधि कऽ श्री महेन्द्र विन्देश्वरी बहुमुखी कैम्पस राजविराज मे कैम्पस प्रमुखक जिमेवारी बहन करैत सेवानिवृत्त छलाह.

हुनक लिखल एही विषयक शोधग्रन्थ भारतक मोतीलाल बनारसीदास प्रकाशन सँ प्रकाशित अछि. मैथिली साहित्य परिषद राजविराज सँ शिवदत्त मिश्र स्मृति मैथिली पुरस्कार, अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन सँ मिथिला रत्नक उपाधि, नेपाल विद्यापति अनुसन्धान पुरस्कार आदि पुरस्कार आ सम्मान प्राप्त कएनिहार नेपालक चर्चित भाषा वैज्ञानिक डाक्टर सुनिल कुमार झाक एकटा पुत्र आ दूटा पुत्री छनि. हिनक धर्मपत्नीक छओ वर्ष पहिनहि देहान्त भऽ गेल छलनि.

मैथिली साहित्य परिषद राजविराजक अध्यक्ष प्रा. अशोक कुमार झाक अध्यक्षता मे राजविराज स्थित श्री पब्लिक माध्यमिक विद्यालय मे आयोजित श्रद्धाञ्जलि सभा मे परिषदक पूर्व अध्यक्ष लोकनि प्रा. जन आनन्द मिश्र, विष्णु कुमार मण्डल, देवेन्द्र मिश्र, शुभचन्द्र झा तथा मैथिली कर्मीलोकनि प्रा. मिथिलेश यादव, प्रा. डा. पीताम्बरलाल यादव, प्रा जयनारायण यादव, प्रा. राजीव मिश्र,पं महेश्वर झा, श्यामसुन्दर झा, हितनारायण लाल दास, अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद देव, सञ्चारकर्मी श्यामसुन्दर यादव, गायक सुभाष विरपुरिया, कवि सत्येन्द्रनाथ चौधरी, मैथिल महिला परिषदक अध्यक्ष शान्ति झा, पिङ्की झा, गायत्री झा, मीना ठाकुर, मञ्जू श्रेष्ठ, गजलकार तथा सभाक उद्घोषण सेहो कएनिहार शम्भूश्री आ विद्यानन्द वेदर्दी सहित द्वारा डाक्टर झाक व्यक्तित्व आ कृतित्व पर चर्चा करैत हुनका द्वारा अपनाओल गेल सादा जीवन आ मैथिलीक मानकीकरण भेनाइ आवश्यक रहल गप पर हुनकर चिन्ताक सेहो उल्लेख करैत हुनका प्रति शब्दश्रद्धा अर्पित कएल गेल.

— देवेन्द्र मिश्र

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