राष्ट्रीय लोक उत्सव मे लोककलाक अद्भुत प्रदर्शन


मधुबनीक भटसिमरि मे राष्ट्रीय लोक उत्सवक दोसर दिन कला-प्रदर्शनक नीक नमूना देखल गेल. देशक विभिन्न भागक कलाकार लोकनि संगीत, गीत, नाटक ओ लोककलाक विभिन्न विधाक प्रदर्शन केलनि. मिथिलाक कलाप्रेमी एहि उत्सवक माध्यमे एक दिस देशक अन्यान्य कला कें लगीच सं देखि रहल छथि त' आन भागक कलाकारक समक्ष अपन कलाक प्रदर्शन क' एकर प्रसार मे भूमिका निमाहि रहल छथि.


अछिंजल ओ नारी उद्गार संस्थान संगहि संस्कृति मंत्रालयक संयुक्त प्रयासें कएल जा रहल 'राष्ट्रीय लोक उत्सव' कार्यक्रमक दोसर दिन महेंद्र पासवान ओ टीम द्वारा 'रसनचौकी वादन', पूण्यदेव पासवान ओ टीम दिस सं कबीरपंथी गायन, रामनारायण राम द्वारा सलहेस गाथा गायन, काश्यप कमल द्वारा 'भोट' केर एकल नाट्य अभिनय, राधा मोहन मिश्र ओ टीम द्वारा विद्यापति संगीत परम्परा, हाजीपुरक जादूगर द्वारा 'जादू का खेल' केर प्रदर्शन, पश्चिम बंगालक जय जोहार फाउंडेशन द्वारा मैथिलीक ललका पाग केर एकल नाट्य प्रस्तुति लोकक मोन मोहि लेलक.


एकर संगहि मधुबनीक इप्टा द्वारा हिन्दी नाटक 'महाभारत एक्सटेंशन' इंद्रभूषण रमण केर निर्देशन मे खेलल गेल. एही संस्था द्वारा गांधी चौक नाटक सेहो प्रदर्शित कएल गेल. प्रभात कुमारक संरचना मे मिथिलाक झिझिया आ डोमकछ नृत्य सेहो प्रस्तुत कएल गेल.  मध्यप्रदेशक एक्सट्रीम आर्ट सोसाइटी द्वारा चन्दनुआ नाटक प्रस्तुति एहि लोक उत्सव कें उत्कर्ष पर ल' गेल.


एहि तीन दिवसीय लोक उत्सवक आइ अंतिम दिन अछि. दशमी मे छुट्टी हो आ मधुबनी मे छी त' एकबेर भटसिमरि घूमब नीक विकल्प साबित भ' सकैत अछि. जतय अहां अपन माटिक गमक आ विभिन्न रंग कें देखि-सुनि सकैत छी.

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