वशिष्ठ कुमार झा केर कविता 'संघर्षक करू शंखनाद'


हमरा सभक मध्य बहुत रास प्रतिभावान कवि-लेखक एहू लेल सोझां नै आबि पबै छथि, जे सही समय पर प्रोत्साहन वा प्लेटफ़ॉर्म नै भेटि पबै छनि. एहने एक निस्सन प्रतिभा छथि वशिष्ठ कुमार झा जे किशोरवय सं कविता करैत छथि (यात्री-नागार्जुन संगे मंच शेयर केने छथि), ग्रामीण रंगमंचक नीक कलाकार रहल छथि आ केना ने केना विगत दू कार्यकाल सं त्योंथ केर सरपंच ओ जिला सरपंच संघ केर शीर्ष पद पर जा बैसल छथि. साहित्यक दिस हिनक फोकस वा साहित्यक हिनका दिस फोकस शार्प-डिम होइत रहैत अछि. – संपादक

- - - - - - - - -

तिरस्कारक जीवन कतेक दिन जीब 
अपमानक घोंट कतेक दिन पीब 
हे मिथिला कें मैथिल जनगण 
संघर्षक करू शंखनाद 
मिथिला मैथिली जिंदाबाद 

चिर उपेक्षित मैथिल 
मूकदर्शक बनल अछि ठाढ़ 
संघर्ष मांगि रहल अछि धरती 
तखने भेटत जन्मसिद्ध अधिकार 
संघर्षक बल पर भेटत वाणी 
आखर तखने होयत आजाद 
हे मिथिला कें मैथिल जनगण 
संघर्षक करू शंखनाद 
मिथिला मैथिली जिंदाबाद 

उठू अबेर भेल 
पसरल अन्हार टारि करू भोर 
आंचर खींचि रहल दुःशासन 
पोछू मां मिथिला कें नोर 
कृष्ण बनि उठाउ सुदर्शन 
मां मिथिला कें करू जीवन अर्पण 
छोडू अपन भीरू संवाद 
हे मिथिला कें मैथिल जनगण 
संघर्षक करू शंखनाद 
मिथिला मैथिली जिंदाबाद 

देखि लेबै, कते छै ककरा मे दम 
नष्ट क' देबै रावण सन अहं
नहि देत त' छीनि लेबै हम 
अपन मान ओ अप्पन राज 
जाति-धर्म केर झगड़ा छोडू 
जन-जन जपियौ मिथिलावाद 
हे मिथिला कें मैथिल जनगण 
संघर्षक करू शंखनाद 
मिथिला मैथिली जिंदाबाद 


— वशिष्ठ कुमार झा 
सरपंच, ग्राम पंचायत राज त्योंथ
अध्यक्ष, सरपंच संघ - मधुबनी
मोबाइल - 9199736739 

Advertisement