अकासतर बैसकी: मेघ बरसैत रहल, कविता बिहुंसैत रहल - मिथिमीडिया
अकासतर बैसकी: मेघ बरसैत रहल, कविता बिहुंसैत रहल

अकासतर बैसकी: मेघ बरसैत रहल, कविता बिहुंसैत रहल

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कोलकाताक न्यू टाउन अवस्थित इको-पार्क (प्रकृति तीर्थ) मे बरसैत मेघक संग अकासतर बैसकी आयोजित भेल. बीतल रवि 23 जुलाइ कें दिनक 3 बजे सं रमणीय उद्यान मे कवि लोकनि कविता पाठ केलनि.

महानगर मे कएक दिन सं लगातार बरखा भ' रहल अछि आ अपतकाल जकां स्थिति बनल अछि मुदा तइयो पूर्व घोषित बैसकी भेल आ दूर-दूर सं कवि लोकनि उपस्थित भ' प्रतिबद्धता देखओलनि जे अनुकरणीय अछि.


वैज्ञानिक ओ साहित्यकार डॉ. योगेन्द्र पाठक वियोगी केर अध्यक्षता में बैसकी आयोजित भेल. जाहि मे किरण झा, रानी मिश्र, राजीव रंजन मिश्र, भास्कर झा, चंदन कुमार झा, सीतेश कुमार झा ओ रूपेश त्योंथ कविता पाठ केलनि.


एहि बैसकी मे आन कविक रचना पढ़बाक सेहो विधान अछि फलतः अश्विनी कुमार तिवारी द्वारा पठाओल कविता भास्कर झा पढ़लनि त' रूपेश त्योंथ साहित्य अकादेमी सं पुरस्कृत कवि चंदनकुमार झाक पुरस्कृत पोथी 'धरती सं अकासधरि' मे सं कविता पढ़लनि. ओतहि चंदन कुमार झा हैदराबाद सं शारदा झा केर कविता संग्रह 'प्रेम कविताक बाद' मे सं कविता पढ़लनि.

बैसकी मे रानी मिश्र जे मैथिली सं स्नाकोत्तर छथि पहिल खेप उपस्थित भेलीह आ अपन कविता पाठ केलनि. बैसकीक संयोजक भास्कर झा धन्यवाद ज्ञापन केलनि.

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