गंगाक कोर खेलाएल अकासतर बैसकी - मिथिमीडिया - Maithili News, Mithila News, Digital Media in Maithili
गंगाक कोर खेलाएल अकासतर बैसकी

गंगाक कोर खेलाएल अकासतर बैसकी

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कलकत्ता: मैथिली कविता केँ समर्पित धारावाहिक गोष्ठी 'अकासतर बैसकी'क एहि बरखक चारिम आयोजन रविदिन, 1 मई 2016 केँ हावड़ा रेल संग्रहालयक निकट, गंगाक कछेर मे अवस्थित नागाबाबा आश्रम मे सम्पन्न भेल. बैसकीक अध्यक्षता प्रो. विद्यानन्द झा कयलनि. 

एहि अवसर पर रंजीत कुमार झा, विजय इस्सर, राजीव रंजन मिश्र, चन्दन कुमार झा आ मिथिलेश कुमार झा स्वरचित कविताक पाठ कयलनि. एकर अलावे अरुणाभ सौरभ, कमलेन्द्र झा कमल, धीरेन्द्र आ उदयचंद्र झा विनोदक रचनाक क्रमश: रूपेश त्योंथ, अशोक झा भोली आ भास्कर झा जी द्वारा भेल. अध्यक्ष प्रो. विद्यानन्द झा सेहो अपन तीन गोट कविता सुनौलनि. कविता पाठक बीच समकालीन कविता प्रसङ्ग विविध विषयक विचार-विमर्श सेहो होइत रहल जाहि सँ नवतुरिया कवि लोकनि विशेष लाभान्वित भेलाह.

अन्त मे विजय इस्सर प्रसिद्ध गीतकार बुद्धिनाथ मिश्रक गीत अपन सुमधुर स्वर मे गाबि संगीतमय वातवरण निर्माण कयलनि. पत्रकार वैद्यनाथ झा सेहो बैसकी मे अपन उपस्थिति दर्ज करौलनि.

रिपोर्ट : मिथिमीडिया ब्यूरो 

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