'रंग-भंग' सं जमल रंग, 'फगुआ ठहक्का' कविक संग - मिथिमीडिया - Digital Media Platform for Maithili speaking people
'रंग-भंग' सं जमल रंग, 'फगुआ ठहक्का' कविक संग

'रंग-भंग' सं जमल रंग, 'फगुआ ठहक्का' कविक संग

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कलकत्ता : नाट्य संस्था कोकिल मंचक 26म वार्षिकोत्सव कलामंदिरक कलाकुंज प्रेक्षागृह मे मनाओल गेल. एहि अवसर पर डॉ. योगेन्द्र पाठक 'वियोगी' लिखित नाटक 'रंग-भंग' केर मंचन कएल गेल. गंगा झा केर निर्देशन मे मंचक कलाकार लोकनि नाटक केलनि. तत्पश्चात फगुआ ठहक्का मे कवि लोकनि होरी पर कविता पढलनि.


गोसओनिक गीत सं शुरू भेल कार्यक्रमक उदघाटन सत्र मे मैथिली कवि प्रो. विद्यानंद झा उद्गार व्यक्त करैत मंचक क्रियाकलाप पर संतोष व्यक्त केलनि. ओ मैथिली नाटक कें नव आयाम पर ल' जेबाक हेतु मंच कें प्रेरित-प्रोत्साहित केलनि. एहि अवसर पर अध्यक्ष ब्रजेश कुमार झा ओ सचिव सुधाचंद्र झा सेहो मंचक गतिविधिक जनतब देलनि. संचालन गंगा झा धन्यवाद ज्ञापित केलनि. एहि मध्य मंचक परामर्शदाता ओ पूर्व सचिव नबोनारायण मिश्र अतिथि लोकनि कें अबीर लगा माहौल कें फगुआमय केलनि.


'रंग-भंग' नाटक शुरू होइते लोक कें हंसबए मे सक्षम भेल. कॉमिक पात्र-दृश्य आ डायलॉग एहि नाटक कें दर्शक सं जोड़नहि छल कि एकटा कथानक उभरल जे सीनक सीन लोकक जिज्ञासा बढबैत गेल. होरी कें केंद्र क' लिखल एहि नाटक मे समाजक विभिन्न पक्ष समाहित छल. वैज्ञानिक सोच, समाजक कुरीति, चेष्टा-कुचेष्टा सहित समरसता सं जुड़ल विभिन्न बात बेस कलाकारी सं लिखल छल आ मंचित कएल गेल. नाटक किरण झा, संजय ठाकुर, रंजीत कुमार झा, सुधाचन्द्र झा आदि कलाकार सं सजल छल. 

अंतिम सत्र मे 'फगुआ ठहक्का' कार्यक्रम मे महानगरक कवि लोकनि बेस मनोरंजक कविता पढ़लनि. नबोनारायण मिश्र कवि लोकनि कें होरीक टोपी आ पुष्प द' स्वागत केलनि. वरिष्ठ कवि राम लोचन ठाकुरक अध्यक्षता मे डॉ. योगेन्द्र पाठक 'वियोगी', राजीव रंजन मिश्र, मिथिलेश कुमार झा, अमोद कुमार झा, रंजीत कुमार झा, विजय इस्सर, चंदनकुमार झा, भास्करानंद झा 'भास्कर', कामेश्वर झा 'कमल', डॉ. अनमोल झा, रूपेश त्योंथ कविता पढलनि. गंगा झा कार्यक्रम कें अपन चुटुक्का आ चरिपतिया सं मनोरंजक बनओने रहलाह. 

कार्यक्रमक अंत मे उपस्थित भाषाप्रेमी लोकनि द्वारा मैथिली साधिका डॉ. अणिमा सिंहक निधन पर किछु क्षणक मौन राखि शोक प्रकट कएल गेल. ज्ञात हो जे  मैथिली साधिका डॉ. अणिमा सिंह केर निधन 9 मार्च कें दिनक 10.40 बजे हुनक आवास पर भ' गेलनि. 'मिथिला दर्शन'क अधिष्ठाता संपादक डॉ. सिंह 92 बरखक छलीह आ किछु मास सं बेमार चलि रहल छलीह.

— मिथिमीडिया ब्यूरो

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