डाॅ. अणिमा सिंहक प्रति श्रद्धा जनओलनि लेखकगण


पटना : लोकप्रिय पत्रिका 'मिथिला दर्शन'क प्रतिष्ठाता संपादक व मैथिली लोकगीतक क्षेत्र मे विशेष योगदान कयनिहार डाॅ. अणिमा सिंह आब अपना लोकनिक मध्य नहि रहलीह. ओ 92 बर्खक छलीह. हुनक निधन सं मर्माहत भ' मैथिली लेखक संघ द्वारा आइ दिनांक 12 मार्च कें संध्या 6 बजे सं शोकसभा कयल गेल.

एहि अवसर पर डाॅ सिंहक प्रति श्रर्द्धासुमन अर्पित करैत, मैथिली लेखक संघक अध्यक्ष नरेन्द्र झा हुनका संबंध मे विस्तारपूर्वक बतौलनि. नरेन्द्र झा इहो बतौलनि कि कोना एकटा बंगाली महिला होयबाक वावजूद डाॅ अणिमा सिंह मिथिलाक गाम-गाम मे छिड़ियायल मैथिली लोकगीत कें टेप क' ओकरा पोथीक स्वरूप मे सभक समक्ष अनलनि, जे कि बाद मे मैथिली लोकगीतक क्षेत्र मे मीलक पाथर साबित भेल. नरेन्द्र झा डाॅ सिंहक संग बीताओल समयक बहुतो संस्मरण सेहो सुनौलनि.

एहि क्रम मे वरिष्ठ रंगकर्मी ओ लेखक कुणाल सेहो अपन कलकत्ता प्रवासक दौरान अणिमा जीक संग बीताओल मधुर क्षणक संस्मरण सब प्रस्तुत केलनि तथा कलकत्ता मे कयल गेल पहिल मैथिली चेम्बर नाटकक श्रेय अणिमा जीक दैत नाटकक मंचन सं पूर्वक खिस्सा सेहो सुनौलनि. ओ कहलनि कि एखन धरि मैथिली मे जतेक भी शार्ट फिल्म बनाओल गेल अछि ओहि मे ओहन फिल्म संख्या बेसी छैक जकर निर्मात्री अणिमा सिंह छथि. कुणाल बतौलनि कि जखन लोक मायक संग रहैत अछि तखन ओकरा ओहि संगक ओतेक विशिष्टता नहि बुझाइत छैक जतेक मायक संग छूटबा पर ओकर कमी बुझाइत छैक, आइ हमरा संग किछु-किछु एहने भ' रहल अछि.


ओतहि कथाकार अशोक कहलनि कि अणिमा जीक मृत्यु कोनो अप्रश्च्यातित नहि अपितु प्रतीक्षित छल. मुदा पता नहि  हुनक निधनक उपरांत तैयो किएक एकटा पैघ कमी बुझना जा रहल अछि.

शोकसभा कें संबोधित करैत साहित्यकार ओ आलोचक तारानंद वियोगी 92 वर्खक अवस्था रहबाक बादो अणिमा सिंह द्वारा मिथिला दर्शनक प्रूफ देखबाक बात कहलनि.

मैथिली लेखक संघ द्वारा अणिमा सिंह प्रति कयल गेल एहि शोकसभा मे साहित्यकार वैद्यनाथ विमल, सुकान्त सोम, योगानन्द झा, रामनारायण सिंह एवं बाल मुकुंद पाठक सेहो डाॅ सिंह प्रति श्रर्द्धासुमन अर्पित करैत हुनका संबंध मे अपन बात रखलनि. शोकसभा लेखक संघक महासचिव विनोद कु. झा द्वारा संचालित भेल.

रिपोर्ट : बालमुकुंद पाठक 

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