मैथिली साहित्यक महाकुम्भ 12 सं पटना मे!


पटना : मैथिली लिटरेचर फेस्टीवलक दोसर आयोजन 12 फरवरी सं 14 फरवरी धरि यूथ हाॅस्टल, फ्रेजर रोड मे आयोजित कयल गेल अछि. आयोजन समितिक संयोजक कथाकार अशोक बतौलनि कि साहित्यकार, कलाकार आ मैथिली प्रेमी जनताक सहयोग सं होम' बला ई कार्यक्रम एहि वर्ष प्रर्सिद्ध कथाकार राजमोहन झा कें समर्पित अछि. आयोजन मे कुल पन्द्रह सत्र होएत. विचार-विमर्शक सत्रक संग संग विदापत नाच, धर्त समागम नाटक, गीतनाद, कवि गोष्ठीक कार्यक्रम होएत. मैथिली फिल्म गोरकी सेहो पर्दिशित होएत.

मोथिली लेखक संघ द्वारा आयोजित ई तीन-दिवसीय फेस्टीवल मे भोरूका दस बजे सं राति आठ बजे धरि निरंतर कार्यक्रम होएत. जाहि मे मारिते साहित्यकार, उद्यमी, चित्रकार, रंगकर्मी आदि भाग लेतथि.

फेस्टीवलक पहिल दिन अर्थात 12 फरवरी कें फेस्टीवलक उदघाटन होएत. जाहि सं ठीक पहिने मोन पड़ै छथि सत्र मे राजमोहन झा, गुणनाथ झा, रमाकान्त मिश्र, शकुन्तला चौधरी आ कुमार शैलेन्द्र कें स्मरण कएल जाएत. सत्रक संचालन कथाकार अशोक करताह. एहि दिन फेस्टीवलक स्मारिकाक लोकार्पण सेहो कएल जाएत. 12:30 बजे सं आशा मिश्रक उपन्यास उचाट पर विमर्श होएत जकर संचालन अजित आजाद करताह. तकरा ठीक बाद दू टा पोथी सुभाषचन्द्र यादवक उपन्यास गुलो आ तारानंद वियोगीक आलोचना पोथी बहुवचन लोकार्पित होएत. अपराह्न तीन बजे सं आदान-प्रदान सत्र मे अनुवाद पर चर्चा होएत. जाहि मे नारायण जी, प्रमोद कु झा, इन्दिरा झा आ वैद्यनाथ झा चर्चा करताह, संचालक होएताह-प्रदीप बिहारी.

बद्री मुखियाक कथा पाठ 4:10 बजे खिस्सा कहय खिसनी सत्र मे होएत. जकर संचालन करताह रघुनाथ मुखिया. एहि दिन सांझ 6 बजे सं गीत-संगीतक कार्यक्रम गीत-नाद होएत. जाहि मे मैथिलीक मारिते रास प्रसिद्ध गीतकार सब अपन गीत सुनौताह. पारंपरिक संगीतक विशेष कार्यक्रम कें शैली प्रस्तुत करती. शोध एवं संगीत-गिरिजानंद सिंह आ अमरनाथ झा कें छनि. गीत-गायन आ सत्र संचालक करतथि कमल मोहन चून्नू.


दोसर दिन-13 फरवरी, कें 10 बजे पूर्वाह्न सं बाल साहित्य पर अमित मिश्र, वन्दना झा, महाकांत ठाकुर आ रवीन्द्र चौधरी द्वारा चर्च-बर्च होएत जकर संचालन चंदन कु. झा करताह.

11:10 बजे सं मैथिलीक सोशल मीडियाक स्थिति आ सम्भावना पर विचार विमर्श कएल जाएत. विमर्शकार होएताह- अमित आनंद, विद्यानंद झा, प्रवीण नारायण चौधरी आ बाल मुकुन्द पाठक, संचालन रूपेश त्योंथक छनि.

12:30 बजे सं प्रसिद्ध कवि उदयचन्द्र झा विनोदक काव्य पाठ का हुनका सं बातचीत होएत लगले दू टा काव्य संग्रह अथ उत्तरकथा आ धरती पर देखू केर लोकार्पण सेहो होएत.

दुपहर तीन बजे सं हम नाटक देखब मे महेन्द्र मलंगियाक नाटक छुतहा घैल पर चर्चा होएत. जाहि पर अशोक अविचल, वन्दना किशोर, कुमार गगन आ रमेश रंजन गप्प करताह. विशिष्ट अतिथि महेन्द्र मलंगिया होएताह.

तकरा बाद अपराह्न 4 बजे सं लोकनाट्य विदापत आ सांझुक 6 बजे सं नाटक धूर्त समागम प्रस्तुत कएल जाएत.

फेस्टीवलक अंतिम दिन 14 फरवरी कें हम पोथी पढब मे परमेश्वर कापड़िक कथा संग्रह पथार पर विमर्श होएत. विमर्श तारानंद वियोगी, रमेश, विरेन्द पांडेय आ अतुलेश्वर झा करताह. संचालन रमानंद झा रमण कें छनि.

एहि सत्रक उपरांत मैथिलीक पहिल लप्रेक संग्रह प्रेमक टाइमलाइन लोकार्पित होएत. पोथी मे दस युवा कथाकारक समवेत स्वर कें सम्मिलित कएल गेल अछि. 11:10 बजे सं कथाक रंग प्रस्तुति विषय पर गप्प शप होएत जकर संचालन किशोर केशव द्वारा कएल जाएत.

तकरा ठीक बाद 12:30 बजे मैथिली लघु फिल्म सूप चालनिक प्रदर्शन आ ओहि पर विमर्श होएत. तकर संचालक किसलय कृष्ण करताह.

बहुप्रतीक्षित सत्र कवि गोष्ठीक आयोजन दुपहर 2:30 बजे सं भीमनाथ झाक अध्यक्षता मे होएत. एहि सत्र मे मैथिलीक तीनू पीढिक चर्चित कवि कें कविता अपनेक एक संग एक मंच पर सुनबाक भेटत. मंच संचालन उदयचन्द्र झा विनोद करताह. 

सांझ 5:30 बजे  सं स्वस्ति फाउन्डेसनक प्रतिष्ठित प्रबोध सम्मान उपन्यासकार केदारनाथ चौधरी कें प्रदान कएल जाएत आर फेस्टीवलक अंत मे मैथिली फिल्म गोरकी प्रदर्शित होएत.

फेस्टीवलक संबंध मे मैथिली लेखक संघक महासचिव विनोद कुमार झा बतौलनि कि मारिते रास मनोरंजक आ ज्ञानवर्दक सत्रक अलाबे फेस्टीवल मे मैथिली पोथी, मिथिला पेंटिंग, मिथिलाक खाद्य पदार्थ आर चीज सभक स्टाॅल सेहो लगाएल जाइछ. संगहि ओ समस्त मिथिलावासी सं अनुरोध केलनि जे एहि अवसर पर सपरिवार अपने सब गोटे आबी आ गीत-नाद, मैथिली फिल्म, मैथिली नाटक, कविता गीत, लोकगाथा, लोकनाट्य आ मारिते रेस विचोरोतेजक सत्र आदिक आनंद ली तथा अपन सहभागिता सं प्रकट करी जे मैथिली अहांक परिचय छी..आस-विश्वाश छी...

रिपोर्ट : बाल मुकुन्द पाठक

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