विद्यानंद झा केर एकल काव्यपाठ 'पराती जकां' - मिथिमीडिया
विद्यानंद झा केर एकल काव्यपाठ 'पराती जकां'

विद्यानंद झा केर एकल काव्यपाठ 'पराती जकां'

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मैथिली कविता संग्रह 'पराती जकां' केर कवि 'विद्यानंद झा' केर एकल काव्यपाठ मे साहित्य प्रेमी लोकनिक नीक जुटान भेल. काव्यपाठ कलकत्ताक विद्यापति विद्यामंदिर मे आयोजित भेल छल. 

प्रख्यात साहित्यिक रामलोचन ठाकुर केर अध्यक्षता मे आयोजित कार्यक्रम मे महानगरक कविता प्रेमी लोकनिक संगहि श्याम दरिहरे (पटना) सेहो उपस्थित छलाह.


कार्यक्रम मे कवि केर माय, पत्नी, पुत्री सेहो उपस्थित छलीह जे विशेष कहल गेल. हिनका लोकनिक उपस्थिति बहुत आह्लादक आ संदेशपरक रहल. कवि बिनय भूषण काव्य पाठ सं पहिने 'विद्यानंद झा' पर अपन बात रखलनि.

आईआईएम मे अध्यापन केनिहार विद्यानंद झा लगभग साढ़े तीन दशक सं कविता लिखैत छथि. कार्यक्रम मे ई अपन मौलिक मैथिली कविता सहित अनुदित कविता सभ सेहो पढ़लनि. जाहि मे सं किछु कविता बेस लोकप्रिय रहल मे सं छल.

मिथिला सांस्कृतिक परिषद् द्वारा आयोजित एहि कार्यक्रम केर संचालन मिथिलेश कुमार झा केलनि. ज्ञात हो जे परिषद् एहि सं पहिने कवि लक्ष्मण झा 'सागर' केर एकल काव्यपाठ आयोजित केने छल. 

रिपोर्ट : मिथिमीडिया ब्यूरो | फोटो : दयाशंकर मिश्र 

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