अलौकिक पोथी अछि 'घुरि आउ मान्या'


पटना : रवि(06.09.2015)केँ मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार श्याम दरिहरे केर नव्यतम कृति 'घुरि आउ मान्या' (उपन्यास)क लोकार्पण समारोहक आयोजन ए.एन. सिन्हा समाजिक अध्ययन संस्थानक सभागारमे सम्पन्न भेल. कार्यक्रम अपराह्न तीन बजेसँ सांझुक छः बजे धरि चलल.

पोथीक विमोचन ए.एन.सिन्हा समाजिक अध्ययन संस्थानक निदेशक डाॅ. दिगम्बर मिश्र दिवाकर केलनि. एहि लोकार्पण समारोहक अध्यक्षता चेतना समितिक सचिव, संपादक घर-बाहर आ मैथिली साहित्यक प्रख्यात आलोचक-समीक्षक बासुकीनाथ झा केलनि.

जकर बाद कार्यक्रम मुख्य अतिथि डाॅ.डी एम मिश्र, प्रख्यात कथाकार अशोक, कलानंदजी अओर बिभुतीजी द्वारा पोथी पर विस्तृत चर्चा कयल गेल.

मैथिली उपन्यासक सय बर्खक इतिहासमे 'घुरि आउ मान्या' एहन पहिल उपन्यास अछि जे भारतीय अध्यात्म, विज्ञान आ दर्शनशास्त्रक तुलनात्मक प्रयोग कयल गेल अछि. एहि आयोजन अध्यक्ष वासुकी बाबूक कहब मानी तँ ई पोथी मैथिली साहित्यजगतमे एकटा माइल स्टोन साबित होयत.

पुस्तक पर चर्चा करैत कथाकार अशोक कहलनि जे मैथिलीमे सब दिन लौकिक कथा-उपन्यास लिखल जाइत रहलैक मुदा 'घुरि आउ मान्या' अलौकिक उपन्यास अछि. ओ दरिहरे जीक पोथीक तुलना मेलुहा सीरीजक प्रख्यात लेखक अमीष त्रिपाठीसँ करैत कहलनि जे मैथिली उपन्यास वा कथामे ई पहिल अवसर अछि जे पोथीमे धर्म, अध्यात्म, दर्शनक संग-संग विज्ञानक गप्प कयल गेल छैक.

पोथी पर चर्चमे एकटा बात आर जे सोझाँ आयल कि उपरोक्त सभ समीक्षक एहि पोथीक रोचकता आर मनोरंजन पूर्ण भाषा-शैलीकेँ गप्प कहलनि आ पोथी बेसी सं बेसी लोक द्वारा पढ़ल जयबाक मांग केलनि.

लोकार्पण समारोहक अंतमे पोथीक प्रकाशक अओर शेखर प्रकाशनक संचालक शरदिन्दु चौधरी धन्यवाद ज्ञापन केलनि. कार्यक्रममे साहित्यानुरागी लोकनिक बेस जुटान भेल छल. कुल मिला क' ई एकटा सफल आयोजन रहलैक. एकर संचालन डाॅ. कमल मोहन चुन्नू केलनि.

नोट- इच्छुक पाठकवृन्द ई पोथी पहिल ऑनलाइन मैथिली बुक स्टोर www.sappymart.com सं कीन सकैत छी.

(रिपोर्ट : बाल मुकुंद पाठक)

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