'बूढ़ भेल बलाय' नाटक जुआन क' गेल मंचकें

'रजत जयंती' उत्सवपर भेल भव्य समारोह ओ संगीत संध्या 

कलकत्ता : प्रसिद्ध नाट्यसंस्था "कोकिल मंच" विगत ३१ जनवरी ओ १ फरवरीकेँ स्थानीय विद्या मन्दिर हॉलमे अपन रजत जयंती समारोह मनौलक. एहि अवसरपर संस्था द्वारा पहिल दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमक आयोजन कएल गेल छल जाहिमे प्रसिद्ध मैथिली गायक आ अभिनेता माधव राय तथा हुनकर टीमक द्वारा गीतनादक झमटगर प्रस्तुति भेल संगहि श्रीमति रजनी पल्लवी अपन गायनसँ श्रोताकेँ मंत्रमुग्ध कएलनि. संगीता दास सेहो गीत गाबि श्रोताकें झुमओलनि. एहिसँ पूर्व कविकोकिल विद्यापतिक चित्रपर माल्यार्पण ओ दीप प्रज्ज्वलित कए कार्यक्रमक उद्घाटन भेल. तत्पश्चात संस्थाक सचिव नबोनारायण मिश्र अपन वकतव्यमे कोलकाताक मैथिली रंगमंचक यात्रा ओ ताहिमे कोकिलमंचक महत्वपूर्ण भूमिकाक चर्च कएलनि. 


एहि अवसरपर सामाजिक-सांस्कृतिक ओ साहित्यिक क्षेत्रमे महत्वपूर्ण काज करयबला कतिपय कोलकाताक मैथिल प्रवासी लोकनिकेँ संस्थाद्वारा स्मृति-चिन्ह ओ पुष्पमाल प्रदान कए सम्मानित कएल गेलनि. कामदेवझा, किशोरीकान्तमिश्र, एस.एन झा, राजनन्दनलालदास, युगलकिशोर झा, रामलोचन ठाकुर, गुणनाथ झा, भोगेन्द्र झा, कृष्णचन्द्र झा रसिक, दयानाथ झा, आ संस्थाक अध्यक्ष जीवेन्द्र मिश्रकेँ सम्मानित कएल गेलनि. उपस्थित पाहुन लोकनि मैथिली रंगमंचक विकासक प्रति कोकिलमंचक प्रतिबद्धता ओ निर्देशक गंगा झा'क प्रयासक सराहना केलनि.

ज्ञात हो जे कोकिल मंच कोलकाता'क एकमात्र एहन संस्था अछि जे केवल रंगमंचक क्षेत्रमे सक्रिय अछि आ पछिला पचीस बरखमे तैंतिस गोट मैथिली नाट्य-मंचन कए चुकल अछि. इहो एकटा विशेष बात अछि जे एहि संस्थाक एखनधरिक सभ नाटककेर मंचन गंगा झा केर निर्देशनमे भेल अछि. उद्घाटन सत्रक बाद माधवरायक गायनसँ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमक आरंभ भेल. रजनी पल्लवीक सुमधुर स्वर उपस्थित श्रोतासँ खूब जस अरजलक. संगीता दासक प्रस्तुति सेहो बेस सराहल गेल. उपस्थित गायक कलाकारकेँ सेहो स्मृतिचिन्ह प्रदान कए सम्मानित कएल गेलनि. संपूर्ण कार्यक्रमक संचालन गंगा झा आ रंजीत कुमार झा केलनि. समारोह'क दोसरदिन रविदिन 1 फरवरीकें सांझ 4.30 बजेसं गंगा झा केर निर्देशनमे डॉ. योगेन्द्र पाठक 'वियोगी' लिखित नाटक 'बूढ़ भेल बलाय'क मंचन भेल. एहि नाटकमे आजुक मध्यम वर्गीय परिवारमे वृद्धसभक उहापोह आ मनोदशा'क सहज चित्रण अछि. एहिमे जेनरेशन गैप'क नामपर एक पीढ़ीसँ दोसर पीढ़ीकेँ बीच घटैत लगावकें बड़ मार्मिक ढ़ंगसँ देखायल गेल अछि. संगहि पारिवारिक सम्बन्धपर निकट सम्बन्धियोक लोभ-लिप्सा कोन तरहेँ हावी भेल जा रहल अछि आ संतानक लेल  घरक बूढ़-पुरान कोना बोझ बुझल जाइत छथि तकरे कथा कहैए-बूढ़ भेल बलाय. 



ज्ञात हो जे नाटककार वियोगीक ई पहिल नाट्यकृति थिकनि. छोट-छोट आ प्रभावकारी संबादक सफलता दर्शकदीर्घासँ बेर-बेर बजैत थपड़ीसँ झलकैत रहल. नाटकक पटकथा, आ कलाकारक अभिनयसँ सभ प्रभाव छोडलक. नाटकमे गंगाझा, नबोनारायणमिश्र, रंजीत कुमार झा, किरण झा आदिक अभिनय सराहल गेल. एहिमे भवनाथ झा, शैलेन्द्र झा, सुधाचन्द्र झा, संजय कुमार झा, आनंद किशोर ठाकुर, तारकेश्वर मिश्र, मिथिलेश मिश्र, रासबिहारी, प्रकाश मिश्र सेहो अभिनय केलनि. बादमे नाटकक रचनाकार वियोगी समेत समस्त प्रतिभागी कलाकार आ संस्थाक सक्रिय सदस्य लोकनिकेँ स्मृतिचिन्ह भेँट कएल गेलनि. गुणनाथ झा, कृष्णचन्द्रझा रसिक आ भोगेन्द्र झा उपस्थित नहि छलाह आ हिनका लोकनिकेँ कोकिलमंच हिनका गामपर जा स्मृति चिन्ह प्रदान करतनि , से गप्प निर्देशक गंगाझा जनौलनि.


कोकिल मंचक रजत जयंतीक अवसर पर आयोजित कार्यक्रममे पटना सहित देशक विभिन्न भागसं नाट्यप्रेमी आएल छलाह. रंगारंग कार्यक्रमक संगे नाटकक प्रदर्शन बेस सफल रहल. मंचपर ध्वनीक नीक व्यस्था छल जाहिसं पात्रक संवाद दर्शक धरि स्पष्ट पहुंचैत रहल आ प्रभावी संवाद रहने दर्शक अभिनयक संग संवाद सभपर सेहो थोपड़ी बजबैत छलाह. दर्शन नाटकक अंत धरि प्रेक्षागृहमे अटकल रहलाह जे नाटकक सफलताक सबूत देइत छल. नाटकक पश्चात भव्य समापन समारोह भेल जाहिमे कलाकार लोकनिक सम्मानक संग मंचक नव-पुरान कलाकार लोकनि भेंट-घांट केलनि. कोकिल मंचक रजत जयंती कार्यक्रम एहू लेल विशेष बनि गेल जे एहिमे मैथिली रंगमंचक तीन पीढ़ी केर कलाकार लोकनि जुटल छलाह. 

एहि अवसर पर कोकिल मंच केर स्मारिका सेहो विमोचित कएल गेल जाहिमे एहि 25 बरखमे मंचक गतिविधि सहित साहित्यिक सामग्री प्रकाशित अछि. स्मारिका अरुण कुमार सिंह केर संपादनमे प्रकाशित भेल अछि. मंच व्यवस्था अरुण कुमार सिंह संगहि प्रभुलाल मंडल, सुरेन्द्र झा ओ उग्रकांत मिश्र केर छल. 'बूढ़ भेल बलाय' कोकिल मंच द्वारा खेलाओल गेल बेस्ट नाटकमेसं अछि, एहन दर्शक लोकनिक विचार छल. 

(रिपोर्ट : चंदनकुमार झा / फोटो : राजीव मिश्र)

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