बुक फेयरमे अकासतर बैसकी आ फेर संपर्क


कलकत्ता : बीतल रवि महानगरक मैथिली साहित्यकार लोकनि लेल बेस व्यस्तताक रहल. बुकफेयरक अंतिम दिन जे छल. मिलनमेला मैदानक भीड़ दुर्गापूजा पंडालक भीड़ टटका क' गेल. प्रशासनक इंतजाम नीक छल जे पार्कमे प्रवेश आ निकास सुगमतासं संभव भ' सकल. एही भीड़क मध्य साहित्य अकादेमीक स्टालक आगां युवा नाटककार ओ साहित्य अकादेमीसं पुरस्कृत आनंद कुमार झा केर अध्यक्षतामे मैथिली काव्य गोष्ठी 'अकासतर बैसकी' आयोजित छल. अकासतर बैसकीक ई दोसर आयोजन छल. एहिमे 9 गोट मैथिली कवि अपन रचना पढ़लनि आ कवितापर नमहर चर्च भेल. 


दिनक 1 बजेसं शुरू भेल एहि गोष्ठीमे अशोक झा 'भोली' अपन रचल पहिल कविता पढलनि त' विजय इस्सर, आनंद कुमार झा ओ रामकुमार मिश्र गोष्ठीमे पहिल खेप कविता पढलनि.  भास्कर झा, चन्दनकुमार झा, मिथिलेश कुमार झा ओ रूपेश त्योंथ अपन रचना सुनओलनि. जेनाकि एहि गोष्ठीक आचार छै, रूपेश त्योंथ केर कविता अशोक झा 'भोली' गेलनि त' मनोज शांडिल्य केर कविता जे मेल द्वारा पठाओल गेल छल, रूपेश त्योंथ पढ़लनि.

मैथिली गजलकार राजीव रंजन मिश्र गोष्ठीक समापनसं पहिने लगातार गजल पढलनि आ गजलपर किछु खन चर्चा-परिचर्चा सेहो भेल. गजलक आनंद लैत आनंद कुमार झा उदगार व्यक्त केलनि जे एहन गोष्ठीमे भाग ल' धन्य छी आ एहिसं जुड़ल रहब.

अकासतर गोष्ठीक समापनक पश्चात कवि लोकनि मेला देखलाह, पोथी किनलाह आ फेर संपर्क दिस विदा भेलाह. ज्ञात हो जे 'संपर्क' साहित्यिक गोष्ठी छै जे मासक दोसर रविकें आयोजित होइ छै.

मध्य कोलकाता स्थित नवीन प्रकाशन कार्यालयमे साँझ पांच बजेसं साहित्यिक गोष्ठी शुरू भेल. एहिमे नवीन चौधरी, डॉ. योगेन्द्र पाठक 'वियोगी', आनंद कुमार झा, गंगा झा, नबोनारायण मिश्र, आमोद कुमार झा, राजीव रंजन मिश्र, चन्दन कुमार झा, दयाशंकर मिश्र, मिथिलेश कुमार झा, उमाकांत झा 'बक्शी' आदि साहित्यिक लोकनि भाग लेलनि. ई लोकनि टटका रचना पढलनि जकर त्वरित समीक्षा कएल गेल. एहि गोष्ठीक टिप्पणी रचना आ रचनाकार लेल बेस लाभप्रद होइए. 

(रिपोर्ट : मिथिमीडिया ब्यूरो)

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