मैथिलक कावामे मैथिलीक किलोल

साहित्य अकादेमी सहित मिविपक संगोष्ठी 
कलकत्ता : एकदिस साहित्य अकादेमी केर दूदिना संगोष्ठी आ दोसर दिस मिथिला विकास परिषद् केर संगोष्ठी. महानगर कलकत्ता जे मैथिलक कावा कहबैए, एतय रविदिन 28 दिसंबर 2014कें अकादेमी कार्यक्रम सहित मिविपक संगोष्ठीकें ल' साहित्यप्रेमी मध्य बेस सक्रियता देखल गेल. एहना बड कम देखल जाइछ जे साहित्य अकादेमीक आयोजन दिवसपर दोसरो साहित्यिक आयोजन हो मुदा ओ दिन विशेष रहल. 

27-28 दिसंबरकें साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित साहित्यकार त्रय जयनारायण मल्लिक, वैद्यनाथ मल्लिक विधु एवं आनंद झा न्यायाचार्य पर केंद्रित द्विदिवसीय जन्मशती संगोष्ठी साहित्य अकादेमीक सभागारमे सम्पन्न भेल. एहि संगोष्ठीमे उल्लिखित साहित्यकार सभपर आधारित आलेख दशक विभिन्न भागसं आएल मैथिल विद्वान् लोकनि द्वारा पढ़ल गेल. संगोष्ठीक आरम्भ देवेन्द्र कुमार देवेश, विशेष कार्याधिकारी साहित्य अकादेमीक स्वागत भाषणसं भेल. उदघाटन पत्रकार-संपादक राजनंदन लाल दास केलनि. पहिल दिनक कार्यक्रममे विद्यानंद झा,  संयोजिका डॅा. वीणा ठाकुर, कमलाकांत झा,, कामदेव झा, रवीन्द्र चौधरी, शिव प्रसाद यादव, नरेश मोहन झा, खुशीलाल झा, आलोक पाठक, डॅा. बुचरु पासवान, फुलचन्द्र झा "प्रवीण" आदि साहित्यकार लोकनि भाग लेलनि.

दोसर दिनक आयोजनमे मोहनानंद मिश्र, ताराकांत झा, नवीन चौधरी, अनमोल झा, अशोक अविचल, रेवती मिश्र, अमलेंदु शेखर पाठक, अशोक झा, श्रीपति त्रिपाठी, पंचानन मिश्र, महानंद ठाकुर, रामलोचन ठाकुर भाग लेलनि. समापन सत्रक अध्यक्षता श्किशोरी कांत मिश्र, पर्यवेक्षक ब्रह्मेंद्र झा एवं समापन भाषण विनोद कुमार देलनि. संचालन संयोजिका वीणा ठाकुर केलनि. साहित्य अकादेमी दिससं मैथिली पोथी कम मूल्य पर क्रेतासभ लेल उपलब्ध कराओल गेल छल. कार्यक्रममे लोकक उपस्थिति निराशाजनक रहल. 

दोसर दिस रविदिन सांझ मैथिली भाषाक संबैधानिक मान्यता आ तकर सामाजिक प्रभाव विषय पर मिथिला विकास परिषद् द्वारा संगोष्ठीक आयोजन अशोक झा केर अध्यक्षतामे भेल. उदघाटन कामदेव झा एवं संचालन अंजय चौधरी केलनि. गोसाओनिक गीतसं शुरू भेल कार्यक्रममे वीणा ठाकुर, राम लोचन ठाकुर, नवीनं चौधरी ,अशोक अविचल, बुचरू पासवान,अमलेन्दु शेखर पाठक, फूल चन्द्र झा "प्रवीण ", कमला कांत झा, आमोद झा, विनय भूषण, अमर नाथ झा "भारती", अजय तिरहुतिया आदि सब निर्धारित विषय पर आलेख पढलनि. राष्ट्रीय गीतक संग कार्यक्रमक समापन भेल.

(रिपोर्ट : मिथिमीडिया ब्यूरो)

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