वेब पत्रकारिता ओ मैथिली : वर्तमान एवं भविष्य

मिथिमीडिया द्वारा आयोजित 'वेब पत्रकारिता ओ मैथिली' विषयक संगोष्ठीमे भास्करानंद झा 'भास्कर' द्वारा पढ़ल गेल आलेख—


सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीक आजुक युगमे दिनानुदिन बढैत संचार साधनक प्रभावे वेब पत्रकारिता बहुविषयक समाचार एवं सूचना प्राप्तिक सबसं महत्वपूर्ण माध्यम, साधन एवं स्रोत बनि गेल अछि. पारम्परिक प्रिन्ट मीडियाक स्थान शनै-शनै इलेक्ट्रानिक मीडिया ल’ लेने अछि. आन समस्त भाषामे इंटरनेट आधारित पत्र-पत्रिकाक संख्या निरंतर बढैत जा रहल अछि. कहबाक आवश्यकता नहि जे सूचना प्रौद्योगिकीक क्षॆत्र मॆं नित नव प्रगतिसं प्रभावित वर्तमान परिदृश्यमॆ वेब-मीडिया अथवा ऑनलाइन मीडियाक लोकप्रियता अपन चरम पर अछि. प्रिन्ट मीडियासं फ़राक कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट केर समुचित समन्वयनसं संचालित हॊमयबला वेब पत्रकारिताकें इनटरनेट पत्रकारिता, ऑनलाइन पत्रकारिता, सायबर पत्रकारिता आदि सेहो कहल जायत छैक. वेब पत्रकारिताक लेल समस्त लेखन क्षमताक संगॆ कम्प्यूटर आ इन्टरनेट  केर प्रचालनक प्रारंभिक ज्ञान आ संबंधित सॉफ़्टवेयर केर संचालनमे प्रवीणता ओ दक्षता सेहो आवश्यक छैक. दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक आदि वेबकारिताक किछु सामान्य वर्गीकरण अछि.

भारतमे वेब पत्रकारिता
भारतमे वेब पत्रकारिताक प्रारंभ इन्टरनेट केर शुभ आगमनसं मानल जाइछ. भारतवासीकें इन्टरनेटक सुविधा 1990क मध्यसं भेटय लागल छ्ल. चेन्नई सं अंग्रेजीमॆ प्रकाशित “द हिन्दू” भारतक पहिल अखबार मानल जायत छैक जकर इन्टरनेट संस्करण 1995मे आयल. ’’नई दुनिया’’ अखबार द्वारा ’’वेब दुनिया’’क नामसं हिन्दी भाषामे पहिल इन्टरनेट पोर्टलक आगमनसं अपन देशमें हिन्दी समाचारक वेबकरण भेल. 1998 धरि अबैत अबैत हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी, मलयालम, तमिल, गुजराती आदि भाषामे करीब 48टा समाचार पत्र ऑनलाइन भ' गेल. वर्तमान परिदृश्यमॆं हम देखि सकैत छी जे वेब पत्रकारिता आब शिक्षाक अहम क्षेत्र बनि गेल अछि जाहिमे युवा पीढीक लॆल कैरियरक बहुत बेसी संभावना अछि। नवतुरिया सबहक पसीन कैरियर केर रुपमें एकर अलगे महत्व अछि. इन्टरनेटक अयलासं वॆब पत्रकारिताक विकासमें ब्लॉगिंग सुविधाक महत्वपूर्ण भूमिका रहल अछि. हिन्दी भाषाक प्रथम ब्लॉग छल “ नौ दॊ ग्यारह” जॆकि आलॊक कुमार द्वारा अप्रैल 2003 मॆं शुरु कएल गॆल छल.

मैथिलीमे पत्रकारिता
मैथिलीमे पत्रकारिताक अपन गौरवशाली इतिहास अछि. मैथिली पत्रकारिताक संदर्भ आन आन भाषामॆ पत्रकारिताक इतिहासक विवॆचन मॆं बड्ड सम्मानित ढंगसं देल जायत अछि. पंडित चन्द्रनाथ मिश्र "अमर"क मैथिली पत्रकारिताक इतिहास” आ डॉ यॊगानन्द झाक “ मैथिली पत्रकारिता कॆ सौ वर्ष“ उल्लॆखनीय संदर्भ स्रॊत अछि. मैथिलीमॆ पत्रकारिताक आरंभ जयपुरसं प्रकाशित मासिक पत्रिका 'मैथिल हित साधन' (1905)सं भेल छल. तकर बाद 1906मे मिथिलामोद वाराणसीसं, 1908मे मिथिला मिहिर, दरभंगासं बहरायल. डॉ जयकान्त मिश्रक अनुसार “ मैथिली पत्रकारिताक दोसर चरण 1914क विश्व युद्धक बाद प्रारंभ भेल. एहि चरणक अन्तर्गत मैथिल प्रभा (1920), मथुरा आ आगरासं, मैथिल प्रभाकर(1929) अलीगढसं, श्रीमैथिली (1925) आ मिथिला मित्र (1931) सुल्तानगंज सं प्रकाशित भेल.

मैथिली पत्रकारिताक तेसर चरण  1935सं शुरु भेल. एहि चरणमे प्रवासी मैथिललोकनिक पत्रिका मैथिल-बंधु (1935)सं बहरायल. तकरा बाद मैथिललोकनिक सम्पोषकत्वमे दुगोट आओर पत्रिका बहरायल- मैथिल युवक ( 1938) आ आगरासं जीवन प्रभा (1940). मैथिली पत्रकारिताक तेसर चरण मिथिला मोदक पुनर्प्रकाशन (1936), भारती (1937) आओर विभूति (1937)क लेल विशॆष रुपे महत्वपूर्ण छल. अंग्रॆजी एवं मैथिलीक प्रख्यात भाषाविद विद्वान उदयनारायण सिंह नचिकॆताक मन्तव्य छन्हि-
“ Until 1980s, one finds 78 literary journals and magazines, 11 of them being weeklies, 5 fortnightlies, 31 monthlies, 8 quaterlies, 2 half-yearlies, and 21 others with unpreictable periodicities.”
1947मे स्वतंत्रता प्राप्तिक बादसं मैथिली पत्रकारितामे वृद्धि भेल अछि.

मैथिलीमे वेब पत्रकारिता
भारतक लगभग समस्त भाषामॆ अखबार, पत्रिकाक साथ साथ ऒकर ऑनलाइन वर्सन/ संस्करण बहरायत अछि मुदा मैथिलीमे वेब पत्रकारिता एखनो शैशव-अवस्थामे अछि. मैथिलीमे दैनिक पत्रक संग संग वेब पत्रिका वर्तमान स्थिति अति दयनीय एवं चिन्तनीय अछि. अखबारी रिपोर्टक अनुसार विश्वमॆ लगभग तीन करोड़ मैथिली भाषी छथि. स्वभावित रुपे एकर पाठक वर्गक संख्या अधिक होयत. मुदा स्थिति दुखद! विपुल साहित्य भंडारसं हम सब गौरवान्वित होयत छी. प्रतिभाशाली युवा मैथिल हरॆक सेक्टरमे अपन प्रतिभाक लॊहा मनबा रहल छथि. तकर बादो, सूचना प्रौद्योगिकीक एहि युगमे मैथिलीमॆ अखबारी  प्रकाशनक समस्या यथावत बनल अछि. पत्र पत्रिकाक निरंतरताक खगता खटकि रहल अछि. किछु हद तक एहि खगताक पूर्ति कोलकातासं प्रकाशित मिथिला समाद (2008) करैत रहल. तकर बाद दरभंगासं प्रकाशित मिथिला आवाज (2012) किछु आवाज देलक. सगरो मिथिला हर्षित भेल छल जहन दरभंगासं मैथिलीक पहिल रंगीन अखबार मिथिला आवाज छपय लागल. एकर ऑनलाइन संस्करण केर लॊकप्रियता आह्लादकारी छल. मुदा जेहन हमर सबहक इतिहास रहल अछि, आपसी वैमनष्यता, अहंकार, चेतना अवरोध, असहयोगक  भावना आदि एकरो ल' डूबल. मिथिला आवाज बन्न भ' गॆल. आ बन्न भ गॆल एकर ऑनलाइन संस्करण. मिथिला आवाजक स्थायी स्थगन मैथिली पत्रकारिताक इतिहासमे बड़का क्षति रहत.

एहिमे कोनो भांगट नहिं जे मैथिलीमे साहित्यिक पत्र पत्रिकाक भरमार रहल अछि आ  समय समय पर मैथिली ओ मिथिलाकें बढावा दैत रहल अछि. मुदा ऑनलाइन पत्रकारिताक क्षेत्रमे आन भाषाक अपेक्षा हम सब बहुत पछुआ गेल छी. वेब पत्रकारिताक स्थिति ओ उपस्थिति नगण्य अछि. हां किछु युवा मिथिलाकर्मी सोझा आयल अछि जेकि अपन तकनीकी ज्ञानक प्रयोगसं किछु ने किछु कय रहल छथि. कॊलकाता, मुम्बई, दिल्ली, दरभंगा आदिक मैथिल युव जन  वॆब पत्रकारिताकॆ उत्थानमॆ लागल छथि. एहि भागीरथी प्रयासमे हुनकर ब्लॉगिंग ज्ञान बड्ड काज आबि रहल अछि. मिथिला मैथिलीसं संबंधित समस्त राजनीतिक, सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक, आर्थिक मुद्दाकॆं इन्टरनॆट पर ब्लॉगिंग केर माध्यमॆ  सोझा लाबि रहल छथि. एतबेटा नहि, किछु मिथिला-मैथिली प्रॆमी  मैथिलीमे न्यूज पॊर्टल सॆहॊ चला रहल छथि. एहन न्यूज पॊर्टलमे ई-समाद, मिथिमीडिया, प्राईम न्यूज, हकार डॉट कॉम, मिथिला मिरर आऒर नव मिथिला किछु उल्लॆखनीय नाम अछि.

कहबाक आवश्यकता नहि जे मैथिली ई-पत्रिकाक आरंभक श्रॆय गजॆन्द्र ठाकुर द्वारा संचालित विदॆहकें देल जायत अछि. विदेह मैथिलीक प्रथम पाक्षिक ई-पत्रिका अछि जाहिमे समकालीन मैथिली साहित्यक विभिन्न गतिविधिकें ऑनलाइन राखल जा रहल अछि. मैथिली पत्रकारिता मे एखन धरि विदेहक काज ऐतिहासिक, प्रशंसनीय, स्तुत्य आ प्रेरक अछि.  दॊसर दिस, इन्टरनॆट पर पहिल बॆर मैथिलीकॆं दॊसर रुपमे आनयकॆ श्रॆय कारपॊरॆट रिसर्चर प्रबुद्ध मैथिल कुमार पद्मनाभ जीक छन्हि. पद्मनाभ आईआइआईटी, खरगपुरसं 2004मॆ मैथिलीक पहिल ब्लॉग(?) “कतेक रास बात” (Vidyapati.org) शुरु कॆनॆ रहथि. एहि समयमे हितॆन्द्र गुप्ता द्वारा संचालित “हैलॊ मिथिला”, गजॆन्द्र ठाकुर द्वारा संचालित “भालसरिक गाछ” (5 जुलाई 2004) आ धीरॆन्द्र प्रॆमर्षि (नॆपाल) द्वारा संचालित “पल्लव मिथिला” नामक  ब्लॉग आयल छल. मुदा सबसं पहिनॆ कॆ? कॆर मुद्दा एखनॊ विवादित अछि. खैर, मैथिलीकॆं नॆटक दुनियामॆं लॆनिहारक सूचीमॆ कुमार पद्मनाभ, गजॆन्द्र ठाकुर, हितॆन्द्र गुप्ता, राजीव रंजन लाल, धीरॆन्द्र प्रॆमर्षि, कुन्दन कुमार मल्लिक, मिथिला समाचारक शैलॆश झा, जनकपुर न्यूजक जीतॆन्द्र झा आदि अग्रणी रहल छथि.

मैथिलीमॆ वॆब आधारित पत्रकारितामॆ ईसमाद कॆर अमूल्य यॊगदान अछि. न्यूज पोर्टल के रुपमॆ ई-समाद मैथिलीक प्रथम ई-अखबार अछि जॆकि राष्ट्रीय आ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मिथिलाक समाद उपलब्ध करा रहल अछि. एहि न्यूज पोर्टल कें सम्यक रुपेन संचालित करबामें कुमुद सिंह, प्रीतिलता मलिक, ममता शंकर, सुषमा, जया झा आ छवि जी महत्वपूर्ण भूमिकाक निर्वहन क’ रहल छथि. ई-समादक तहमे गेलाक बाद ई महत्वपूर्ण बात विदित भेल जे “छह टा मैथिल महिलाक प्रयास सं निकलि रहल समाद ई-पेपरक संबंधमे आन आन पत्र पत्रिका मे बहुत रास प्रशंसा छपल अछि. एकटा व्लॉगक रूप मे शुरू भेल ई प्रयास आइ एकटा संपूर्ण वेब साइटक रूप मे  हमरा सबहक  समक्ष अछि. समादक सफलता मिथिलाक स्त्रीक ओ गौरवशाली परंपराक सबूत अछि, जाहि ठाम वैदेही, भारती आओर गार्गी सन महान विभूति जन्म लेने छथि. वर्तमान काल मे सेहो मिथिलाक स्त्रीगण देश-विदेश मे अपन ज्ञान सं सब कए प्रभावित क' रहल छथि.“

मिथिला-मैथिलीक प्रति कॊलकाताक यॊगदानक एकटा गौरवशाली परम्परा रहल अछि. स्वतंत्रता पूर्वसं वर्तमान धरि उल्लॆखनीय उपलब्धिक पैघ सूची अछि. वर्तमानमें, साहित्यिक ओ सांस्कृतिक गतिविधिक अतिरिक्त, कॊलकाताक प्रवासी युवा मैथिल आब वॆब पत्रकारिताक क्षॆत्रमॆ अपन प्रतिभा मनबा रहल छथि. एहि संबंधमॆं कॊलकाता अबाध रूपसं चलि रहल मैथिली न्यूज पोर्टल अछि - मिथिमीडिया, नवमिथिला, मैथिली जगत जकर नाम सम्मानपूर्वक लॆल जायत अछि. एकर अतिरिक्त, मैथिली सिनेमा ओ रंगमंच संबंधी समादक लेल मैथिली सिनॆमा डॉट कॉम केर अलगे नाम भ' रहल अछि.

मिथिमीडिया
मैथिली वॆब आधारित पत्रकारिताक क्षॆत्रमॆ कोलकातासं संचालित मिथिमीडियाक योगदान अभूतपूर्व अछि. मिथिमीडिया 15 अगस्त 2012कें अस्तित्व में आयल छल. बहुत कम समयमे बेसी लोकप्रियता हासिल करबामे मिथिमीडियाकें सफ़लता भेटैत चलि गेल. “मैथिली पाठकक पहिल पसिन” मिथिमीडिया व्यापक ऑनलाइन कवरेज, संपूर्ण त्वरित अपडेट, सेलिब्रेटी लोकनिक साक्षात्कार, मैथिली सिनेमाक टटका हलचल आ साहित्यिक कन्टेंट आदिक लॆल सर्वाधिक चर्चित पोर्टल अछि आ “अपन कार्यपद्धति आ समर्पित निष्पक्ष पत्रिकारिता तथा स्तरीय विविध सामग्री हेतु चिन्हल जाइत अछि”। आईटी क्षेत्रमे कार्य केनिहार रुपेश त्योंथ एक संगे कवि, व्यंग्यकार, आलेखक, प्रखर पत्रकार तथा जुझारु मैथिली सॆनानी छथि. मैथिली वॆब पत्रकारिताक विकासमे “मिथिमीडिया” केर संस्थापक-संपादक क रुपमे हुनक योगदानकॆं जतॆक प्रशंसा कएल जाय, ऒ कम्मॆ अछि.  हुनक रचनात्मक यात्र एक दशक पूर्वहिसं प्रारंभ भेल छल जहन ओ झलक मिथिला, वरिष्ठ मैथिली पत्रकार तारा कान्त झाक सम्पादनमें प्रकाशित होयबला मैथिली अखबार मिथिला समाद मे नियमित कॉलम लिखैत छलाह. रूपेशजीक नियमित लेखन कार्यक प्रतिफ़ल थिक मिथिमीडिया.

मिथिला प्राइम
मिथिला प्राइम  एकटा आओर न्यूज पॊर्टल अछि जॆ एखन ब्लॉगक रुपमॆ कार्य क’ रहल अछि. 4 जुलाई 2012कें स्थापित ई पोर्टल सॆहॊ नीक काज कय रहल अछि.

हकार डॉट कॉम
मैथिलीमॆ वॆब पत्रकारिताक खगताक पूर्ति लॆल पत्रकार भवेशनंदन झा हकार डॉट कॉम शुरु कॆनॆ रहथि मुदा दुर्भाग्यवश आब ई सक्रिय नहि अछि.

मिथिला मिरर
मैथिली वॆब पत्रकारिताक क्षॆत्रमे मिथिला मिरर’क आगमन एकटा पैघ उपलब्धि अछि. एकर संस्थापक छथि ललित एन झा जिनकर शैक्षणिक पृष्ठभूमि कलकत्तॆ रहल अछि. देशक राजधानी दिल्लीसं संचालित मिथिला मिरर’क मुख्य उदे्श्य - मिथिलाक विभिन्न समस्याकें आम जनमानसक बीच राखब अछि. मिथिलाक एकटा प्रहरीकें रूपमे ई न्यूज पोर्टल  मिथिलाक मुद्दाकें सामाजिक ओ राजनीतिक स्तर पर बुलंद क' रहल अछि. मुट्ठी भरि संसाधन रहितो नित नव करबाक कोशिशमे लागल मिथिला मिरर मिथिला-मैथिलक बीच अपन खास पहिचान बना लेने अछि. एतबेटा नहि, मिथिला मिरर पत्रकारिताक क्षेत्र में रुचि रखनिहार व्यक्तिकें  एकटा मंच सेहो द' रहल अछि.

नवमिथिला
न्यूज़ पोर्टल नव मिथिला 21 अक्टूबर 2014 धनतेरसक दिन शुरू भेल. नव मिथिला वेब न्यूज़क निर्माण एकमात्र मैथिली भाषाक प्रचार-प्रसार ओ भाषाक संरक्षण हेतु कयल गेल अछि. आन मैथिली वेब पेज सॅ फराक किछु नव सोच-नव उमंगक संग मैथिल लोकनिकक बीच आयल ई न्यूज पॊर्टल  सुदूर गामक खबरि अपन भाषा मे एकठाम आनि रहल अछि.  मिथिला-मैथिली के इतिहास -धरोहर कें  जीवंत एवं प्रसार हेतु” प्रकाश झा केर सफ़ल सम्पादनमॆ  कटिबद्ध ऒ प्रतिबद्ध नव मिथिला अपन डेग बढा रहल अछि.

मैथिलीमे वॆब पत्रकारिताक प्रारंभ, प्रारंभिक मैथिल ब्लॉगरक सुन्दर प्रयास, ई-समाद, मिथिमीडिया, मिथिला मिरर, मिथिला प्राइम, नव मिथिला आदि मैथिली न्यूज पॊर्टलक गतिविधि, एकर उद्देश्य ऒ उपलब्धिक विवेचनाक उपरान्त ई बात स्पष्ट अछि जे इन्टरनेट पर मिथिलामॆ वेब आधारित पत्रकारिताक उज्जवल भविष्यक किछु किरण फ़ूटि रहल अछि. मैथिली पत्रकारिता इन्टरनॆटक दुनियाक प्रकाशमय धरातल पर घुरछियाइत अपन अन्हार कोनकीमॆ ठाड़ विमर्शित किछु न्यूज पॊर्टलक गवाक्षसं अपन उज्जवल भविष्यक बाट जॊहि रहल अछि आ बड्ड कातरताक संग वर्तमान मैथिली पत्रकारिता, प्रिन्ट आ इन्टरनॆटी, ई अपेक्षा क’ रहल अछि कि आब किछु उद्यमी व्यवसायी मैथिलक नियमित रुपसं प्रकाशित होबयबला मैथिली समाद पत्रक प्रकाशन करैत ऒकर ऑनलाइन संस्करण द’ मैथिली वॆब पत्रकारिताक वर्तमान स्थिति सुधारैत आ मिथिला-मैथिलीक भविष्य उज्ज्वल करताह.

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