मिथिलाक नेता सभक नाम 'बक्शी'क त्राहिमाम

सब जँ डफली अलग बजायब 
एक दोसर केँ दोष लगायब 
छिट-फुट नेता जितिओ जायब
मिथिला राज्य किओ नहि पायब
इतिहासो मे नाम घिनायब
चन्दा-धन्धा अपन चलायब 
नेता अपने माल कमायब 
आ  विकास जपिते रहि जायब
की  मिथिला कें नर्क बनायब?

— उमा कान्त झा 'बक्शी'

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