'वियोगी' लिखलनि अछि 'किछु तीत मधुर' - मिथिमीडिया - Digital Media Platform for Maithili speaking people
'वियोगी' लिखलनि अछि 'किछु तीत मधुर'

'वियोगी' लिखलनि अछि 'किछु तीत मधुर'

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कलकत्ता: मासिक साहित्यिक बैसार 'संपर्क' अगस्त मासक दोसर रवि कें अर्थात 10 अगस्त कें विद्यापति विद्यामंदिर मे आयोजित भेल. एहि बैसार मे वैज्ञानिक डॉ योगेन्द्र पाठक 'वियोगी'क पोथी 'किछु तीत मधुर' (यात्रा-कथा)क विमोचन भेल. कार्यक्रमक आरम्भ मे अतिथि ओ समस्त मातृभाषानुरागी लोकनि विद्यालयमे अवस्थित कविपति विद्यापतिक प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित केलनि.
पोथीक विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार रामलोचन ठाकुर केलनि. एहि अवसर पर अपन उदगार व्यक्त करैत रामलोचन ठाकुर वियोगीक लेखन कौशल, भाखा ओ व्याकरण सम्बंधित हुनक ज्ञान तथा मैथिली मे यात्रा ओ विज्ञान सम्बन्धी लेखनक महत्वक चर्चा केलनि. भास्कर झा अपन वक्तव्य मे कहलनि जे वियोगीजी बहुमुखी प्रतिभा संपन्न छथि. हिनका पर मिथिला कें गर्व अछि. प्रो. शंकर झा वियोगीजी केर लेखन शैलीक विशेषता पर इजोत देलनि. नवीन चौधरी पोथी पर फइल सं चर्चा केलनि. वियोगीजी मैथिली पोथी प्रकाशन, वितरण आदि समस्या पर चर्चा केलनि. अध्यक्षक  आसन सं गंगा झा वियोगीजी ओ हुनक रचना पर  अपन बात रखलनि. कार्यक्रम केर संचालन मिथिलेश कुमार झा केलनि. एहि कार्यक्रम मे मैथिली नेही लोकनिक नीक जुटान भेल छल.
(Report: मिथिलेश कुमार झा)

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