राजीव रंजन मिश्र केर बाल गजल

दुर्गा पूजामे हम नवका कपङा किनबै यौ
पीयर हरियर उज्जर भाटा रंगक लेबै यौ

रहतै ककरो कोनो तरहक टोका टाकी नै
पाँचो टा दिन घुरबै फिरबै मस्ती करबै यौ

पप्पा संगे गामक मेलामे जेबै सभ क्यौ
रसगुल्ला पेङा घुघनी सिंघारा खेबै यौ

दीदी वैंकी छोटू जे किछु लेता धरि हमरा
लाले ऊनक गोला चाही स्वेटर बुनबै यौ

जतराकेँ दिन राजीवक छी बड रुचिकर बाबू
आसिरवादी देता सभ क्यौ मंगल गेबै यौ

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