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नहि रहलाह जीवकांत, साहित्य जगत मे शोक

नहि रहलाह जीवकांत, साहित्य जगत मे शोक

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पटना/ कलकत्ता. मैथिलीक निस्सन साहित्यकार जीवकांत केर निधन सं साहित्य जगत मे शोक पसरि गेल अछि. जीवकांत केर निधन आइ (बुधदिन, ११ सितम्बर २०१३) कें इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना मे दिनक १ बजे हृदय गति रुकला सं भ' गेलनि. अंतिम संस्कार हुनक गाम ड्योढ़ मे काल्हि हेतनि.
मैथिली साहित्य मे हिनक कलम आबाध चलैत रहल अछि. वर्ष १९९८ मे हिनका काव्य संग्रह 'तकैत अछि चिडै' हेतु साहित्य अकादेमी पुरस्कार सं सम्मानित कयल गेल छल. कविताक अतिरिक्त ई उपन्यास आ कथा सेहो लिखने छथि. हिनक कविता एक दिस यथार्थ कें छुबैत छल त' दोसर दिस बाल साहित्य केर रचना सेहो कयलनि. बाल कविता लेल सेहो ई बेस लोकप्रिय छलाह. ई 'पिंजर प्रेम प्रकाशा' नामक आत्मकथा सेहो लिखने छथि जे मैथिलीक अमूल्य निधि अछि. हिनक निधन सं मैथिली साहित्यक अपूरणीय क्षति भेल अछि. ज्ञात हो जे हिनक जन्म २५ जुलाइ १९३६ कें भेल छलनि.  अवकाशप्राप्त शिक्षक छलाह आ गामे मे रहि निरंतर साहित्य सृजन मे लागल छलाह. 
(Report:  अनमोल झा )

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