अमित मिश्र केर गजल - मिथिमीडिया - Maithili News, Mithila News, Maithil News, Digital Media in Maithili Language
अमित मिश्र केर गजल

अमित मिश्र केर गजल

Share This
अपन जीवनक नै परिभाषा भेटलै
नफा बड कम मुदा बड घाटा भेटलै

सदति बड भेल छै घपला खैरातमे
भरल जे घैल चाही आधा भेटलै

विजय हेतै हमर साहस बहुत छल
मुदा बाटपर शकुनी मामा भेटलै

खसत सब हारि धरतीपर सीधे नभसँ
जखन सहयोग कम बड बाधा भेटलै

बनल विरहिन भटकि रहलै दुख बोनमे
भरल छल माँग जिनगी विधवा भेटलै

क्षणिक छै नेह आत्मा आ तनमे "अमित"
लगै जे प्रेमिकामे राधा भेटलै

Post Bottom Ad