महोत्सव सं झूमि उठत बहुरंगी रंगमंच

> मिविप द्वारा 7 दिवसीय नाट्य महोत्सव केर आयोजन 
कलकत्ता.  मैथिली रंगमंच केर स्वर्णिम इतिहास आ सेरायल वर्त्तमान कें देखैत मिथिला विकास परिषद् मैथिली नाट्य महोत्सव केर आयोजन करय  रहल अछि. परिषद् केर राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक झा द्वारा लिखल नाटक कमौआ पूत केर मंचन सं महोत्सव केर आरम्भ होयत. महोत्सवक आगाज रविदिन 21 अप्रील 2013 कें सायं 5 बजे सं महाजाति सदन मे कयल जायत. परिषद्क कलाकार गोपीकांत झा 'मुन्ना, विनय प्रतिहस्त, संगीता झा 'बेबी', रूपा चौधरी,  पवन ठाकुर, नारायण ठाकुर सहित नाट्यक लेखक-निर्देशक अशोक झा अभिनय करैत देखल जेताह. मंटू कुमार झा व कुमारी भावना प्रतिहस्त केर पार्श्वगायन, समर बनर्जी केर विद्युत परिकल्पना ओ संगीत शांति सरकार केर रहत.
अशोक झा कलकत्ता ओ उपनगरीय क्षेत्र मे मैथिली नाटक केर वर्त्तमान स्थिति पर चिंता जतबैत कहलनि अछि जे कलकत्ता मे साल मे एक-आध बेर नाटकक मंचन होइत अछि मुदा उपनगरीय क्षेत्र  बलूड़, हिन्द मोटर, रिसड़ा, नैहट्टी आदि निराश  करैत अछि जखन कि पहिने नाटक मंचित भेल अछि. रंगमंच कें नव उर्जा देबाक उद्दॆश्य सं महोत्सव केर आयोजन कयल गेल अछि.
विदित हो जे महोत्सव केर शेष आयोजन सितम्बर केर अंतिम सप्ताह सं शुरू होयत जाहि मे पांच दिन मैलोरंग, मिनाप, भंगिमा सहित बेगूसराय ओ मधुबनी केर नाट्यदल नाटक प्रस्तुत करत. महोत्सव केर अंतिम दिन पुनः मिथिला विकास परिषद् द्वारा अशोक झा लिखित 'सौभाग्यवती भवः' नाटकक मंचनक संग महोत्सव समाप्त होयत. (Report:  मिथिमीडिया ब्यूरो)

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