मॉडर्न मैथिल पति

रुसि गेलाह पति परमेश्वर
नहि जे कहलियनि डार्लिंग उच्च स्वरसँ
कोना बुझाबी हुनका हम सखी
मिथिलाक रीतक अलग छैक मान।

डार्लिंग शब्दमे ओ नहि प्रेम
जे बसैछ पतिदेवमे
मैथिल छी हम मिथिलाक बेटी
जतयक सीता छलीह अभिमान।

नहि रुसू यौ अहाँ प्रियतम
अहाँक हिरदयमे बसैछ हमर प्राण
सात जन्मक बंधन अछि अहाँक-हमर
सदिखन दीप जे जराबी
ओहिमे अहींकेँ पाबी ।

जँ खुश रहब अहाँ डार्लिंग सुनिक'
हँसैत-हँसैत हम बाजब
प्राणनाथ जुनि एना मुरझाउ
सनगर सन एकटा मुस्की संग
अपन हिरदय लगाउ।
.
मिथिला माँ हे मिथिला नगरी
हे हिरदय बसल मिथिला बोली
बाजब जखन ई अंग्रेजिया बोली
तखनो रहत अहाँक ध्यान
द' देब हमरा क्षमादान।
 

— नवीन कुमार 'आशा'

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