'मिथिलाक संस्कृतिकेँ जोगाकऽ रखबाक बेगरता'

कलकत्ता. मिथिला नव-चेतना समिति, रिषड़ा'क 4म वार्षिकोत्सव, स्थानीय रवीन्द्र भवनमे खूब धूमधामसँ संपन्न भेल. दुपहर चारि बजेसँ प्रारंभ भेल एहि कार्यक्रमक उद्घाटनकर्ता, उच्च विद्यालय, आसी'क पूर्व प्रधानाचार्य एवं मैथिली सेवी विष्णुदेव झा 'विकल' दीप प्रज्जवलन एवं बाबा विद्यापतिक प्रतिमापर पुष्पांजलि अर्पण कए कएलनि. ओ अपन उद्बोधनमे मिथिलाक भाषा-संस्कृतिकेँ जोगाकऽ रखबाक बेगरता जनौलनि संगहि मिथिला राज्यक निर्माणक लेल सभसँ प्रयास करबाक आह्वान कएलनि. ओ कहलनि जे मैथिली-मिथिलाक नामपर नित्य कोनो ने कोनो नव संस्थाक स्थापना भऽ रहल अछि आ मैथिली गतिविधि सेहो बढ़ल अछि मुदा, सभ संस्थाक एकटा केन्द्रीय उद्देश्य सेहो हेबाक चाही. प्रधान अतिथिक रूपमे उपस्थित बयोवृद्ध मैथिली सेवी किशोरीकांत मिश्र मिथिला-मैथिलीक उत्थानक लेल कार्यरत संस्थासभक क्रिया-कलापक मादेँ कहलनि जे उत्साहक संग उहि आ स्पष्ट उद्देश्य होयब सेहो कोनो संस्थाक सफलताक लेल परमावश्यक होइत अछि. प्रधान वक्ताक रूपमे वरिष्ठ साहित्यकार रामलोचन ठाकुर कहलनि जे हमरा सभकेँ अपन मैथिलत्वपर गौरवान्वित हेबाक चाही. ओ कहलनि जे मैथिली सभदिन राज्य-प्रताड़ित रहल अछि मुदा, मैथिलक संघर्ष ओकरा जियौने रहलैक अछि तेँ वर्तमानमे जे मैथिलीकेँ अंगिका-बज्जिकामे बँटबाक जे कुचेष्टा भऽ रहल छैक तकर प्रतिवाद मैथिली संस्था सभक त्वरित लक्ष्य हेबाक चाही. अन्य वक्तामे शिक्षाविद भोगेन्द्र झा आ उद्योगपति युगलकिशोर झा प्रमुख छलाह. भोगेन्द्र झा कहलनि जे वर्तमान वैश्वीकरणक युगमे हमरा सभकेँ अपन सांस्कृतिक मूल्यक पहिचान करैत व्यावहारिक दृष्टिकोण रखबाक चाही. ओ उपस्थित शिक्षार्थी सभसँ रचनात्मक शिक्षा-व्यवस्था दिस डेग बढ़ेबाक आह्वान कएलनि. कार्यक्रमक अध्यक्षता राज कुमार मिश्र कएलनि.
एहिसँ पूर्व कार्यक्रमक प्रारंभ कविपति विद्यापति रचित गोसाउनिक गीतसँ भेल. तत्पश्चात आगत-अतिथिक स्वागतक उपरांत माध्यमिक आ उच्च-माध्यमिकमे रिषड़ा क्षेत्रसँ उत्कृष्ठ प्रदर्शन केनिहार छात्र-छात्राकेँ समिति दिससँ सम्मानित कएल गेल. उक्त अवसरपर कोलकाताक मैथिली गतिविधिमे विशिष्ट योगदानक हेतु किशोरीकांत मिश्र आ रामलोचन ठाकुरक सम्मान क्रमशः परमेश्वर झा आ रत्नेश्वर झा द्वारा कएल गेलनि. सम्मान समारोहक बाद कार्यक्रमक दोसर चरण मैथिली गीत-नाद आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमकेँ आहुत छल जाहिमे मिथिलाक पारंपरिक गीत, भाव-नृत्य, आ विध-व्यवहार आ संस्कार गीतक विलक्षण प्रस्तुति कएल गेल. रंजीत कुमार झा (पप्पू)'क काव्यमय मंच-संचालन बेस प्रभावी रहल. समितिक सदस्य, स्थानीय समाजक संगहि कोलकाता क्षेत्रक अनेक गणमान्य मैथिल उपस्थित छलाह. (समाद स्रोत)

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