लगे मोछमे मटिया तेल !!

सासुर सन लागै छनि संसद
नैहरि सन लागैत छनि जेल
लगे मोछमे मटिया तेल !  

ऊँचगर आसन रसगर भाषण
कागते धरि सकुचल सुशासन
लूटि रहल छै नेता सभकिछु
जनता बैसल बनि बकलेल |
लगे मोछमे मटिया तेल !

गृहमंत्री निज गृहमे बाँझल
वित्तमंत्री हँसोथए पर लागल
शिक्षामंत्री अजगुत भेटला
दसमामे छथि दू बेर फेल।
लगे मोछमे मटिया तेल !

सासुर-नैहरि दूनु रमनगर
लागै छनि तें दूनु पियरगर
जेलसँ छूटिते संसद पहुँचथि
संसदसँ फेर सीधा जेल।
लगे मोछमे मटिया तेल !

सरकारक एंड़ी तर दाबल  
सीबीआइ नाथल-जाबल
नेता सभ संग खेलै देखू
सांप छुछुन्नर के ई खेल।
लगे मोछमे मटिया तेल ! 

— पंकज चौधरी 'नवलश्री'

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