मीडियाक नजरि पर मिथिमीडिया

किछु दिन पूर्व एक पत्रकार मित्रक फोन आयल. ओ जनगणना मे भाषा-भाषी केर संख्या आ मैथिली केर विषय मे किछु पुछलनि. अपना जनैत हम हुनका जनतब देल आ मिथिला विकास परिषद् केर राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक झा केर सूत्र सेहो देल. विगत सोमदिन पश्चिम बंगाल मे भाषाई आंकड़ा केर सम्बन्ध मे सन्मार्ग नीक रिपोर्ट प्रकाशित केने छल. ओहि रिपोर्ट मे मैथिली लेल पर्याप्त बात छल. जाहि मे अशोक झा केर बयान सेहो छल. रिपोर्ट हिंदी, मैथिली, गुजराती, भोजपुरी ओ राजस्थानी बाजय वला केर सरकारी संख्या आ वास्तविकताक अंतर पर छल.
काल्हि पुनः एहि सम्बन्ध मे सन्मार्ग महानगर कोलकाता आधारित आंकड़ा केर हेराफेरी विषय पर रिपोर्ट पृष्ठ ३ पर प्रकाशित कयलक अछि. ओहि रिपोर्ट मे मिथिमीडिया केर नामोल्लेख सेहो अछि जे हरखक विषय. तीनो मास पूर्ण नहि कयलक अछि मिथिमीडिया, मुदा प्रभावी अछि से बुझना जा रहल अछि.
खैर जे हो एकटा मैथिली दैनिक, अनेको पत्रिका, वेब पोर्टल, दर्जनो मैथिल संस्था वला एहि महानगर मे मैथिलक सरकारी संख्या चकित करैत अछि. ओना एहिना आन भाषा-भाषीक संख्या सेहो बहुत कम बता रहल अछि. एहना मे उक्त दैनिक केर सुप्पत रिपोर्टिंग सराहनीय अछि. — मिथिमीडिया डेस्क 

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