भाइ-बहिनक प्रेमक प्रतीक भरदुतिया


भरदुतिया कार्तिक मासक शुक्ल पक्ष केर द्वितीया तिथि कें मनाओल जाइत अछि. एकरा यम द्वितीया सेहो कहल जाइत अछि. भरदुतिया मे बहिन भायक ललाट पर पिठार आ सिंदुरक ठोप क' उज्ज्वल भविष्यक कामना करैत अछि. मिथिला मे एहि अवसर पर भाइ उपहार वा नगद देइत अछि. ई पर्व भाइक प्रति बहिनक प्रेम केर सूचक अछि.

एहि पावनि लेल एकटा कथा सेहो प्रचलित अछि. यम देवता अपन बहिन जमुना कें एही दिन दर्शन देने छलाह. जम महाराज व्यस्तता केर कारणें अपन बहिन सं भेट नहि क' पबैत छलाह. एहि दिन बहिन ठाओ पीढ़ी क' भाइ केर बाट तकैत अछि. मिथिला मे अलग तरहक अरिपन पाडल जाइत अछि. दीयाबाती आ छठि केर बीच मे ई पावनि भेने हर्ख कतेको गुण बढैत अछि. 

— मिथिमीडिया डेस्क

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