पिआसल पिआस - मिथिमीडिया - Digital Media Platform for Maithili speaking people
पिआसल पिआस

पिआसल पिआस

Share This
बुन्न एक मंगलहुं जलक
मुदा, सागरसँ छल पिआसे पैघ
तापस बाला सन जीवन अद्भुद
मोन कोनो बात पर कसकल नहि
ई सिकायत अधरो पर नहि आयल
मेघ किएक हम्मर आंगन बरसल नहि ?

मरुथली रौद मे जरैत परि
छाहरि लेल तरसल नहि
तट सं दूर भंवरक मध्य कम्पित
लहरि सन भाग्य हम्मर रहल
सूखक की रहत सनेस
दुखो रहि गेल अनकहल ...
नोरक एहि बरखा मे तीतल स्वप्न
मुदा सिसकल नहि ...
आलोक किरन पसरि गेल 
शर्त कतेको
संगहि
सुरभि फूल सं विलग कत्ते
छी बान्हल तमिस्रा पाश में
अहाँ कत्तहु रहू पियार हम्मर रहत
अहाँ कत्तहु रहू भावना हम्मर रहत
आयुक सीमा में नहि आयल ओ दिवस
दूर अहाँ सं रहि बितेलौँ हम
मूर्छित प्राणक तार पर सय गीत
विरह के गओलहुँ हम ।

— डॉ शेफालिका वर्मा

Post Bottom Ad