गुंजन श्री केर गजल - मिथिमीडिया - Maithili News, Mithila News, Digital Media in Maithili
गुंजन श्री  केर गजल

गुंजन श्री केर गजल

Share This
पूर्णमासी केर चान छल
वएह छल कि आन छल

पूरल सब सख -सेहंता
तेहने नैना कमान छल

बिसरै छी अपनो के हम
देल जे ककरो दान छल

राति पघिल आँखि द' खसल
जे की हमर गुमान छल

'गुंजन' ताके पाँछा जिनगी
केहन अप्पन शान छल

Post Bottom Ad