मैथिली नाटक पर परिचर्चा - मिथिमीडिया
मैथिली नाटक पर परिचर्चा

मैथिली नाटक पर परिचर्चा

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> मिविप कयलक मंथन
कलकत्ता. नाटक खेलब, देखब, सुनब एतेक सोचिते मोन आनंदित भ' उठैत अछि. एक बेर नाटक खेलबा लेल कतेको बेर अभ्यास क' कलाकार मंच पर उतरैत अछि त' से देखय लेल दूर-दूर सं लोक जुटैत अछि. एतेक धरि जे रेडियो पर नाटक सुनबा लेल सेहो लोक कान अजबारने रहैत अछि. एहन रोचक नाटक हेतु मिथिला विकास परिषद् केंद्रीय कार्यालय मे आइ (2 सितम्बर) परिचर्चा केर आयोजन कयलक. मिथिला महोत्सवक 9 दिवसीय कार्यक्रम मे नाटक सेहो राखल गेल अछि. एहि विषय पर व्यापक चर्च कयल गेल आ आगामी नाटक कार्यक्रमक निर्णय लेल गेल. मिविप केर राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक झा कहलनि जे नाटक हमरा लोकनि आरम्भहि सं करैत अयलहुं अछि जे दर्शक द्वारा सराहल जाइत रहल अछि. हमरा सभ पहिने सं नीक प्रस्तुतीकरण  करब आ एकरा एक चुनौती जकां लेब.
ज्ञात हो जे मिथिला विकास परिषद् द्वारा आयोजित मिथिला महोत्सव केर तेसर दिन भारतीय भाषा परिषद् मे 23 सितम्बर कें साहित्यिक कार्यक्रम होयत. तकर बाद नाटकक आयोजन होयत. नाट्य कार्यक्रम केर औपचारिक घोषणा शीघ्र होयत. परिचर्चा मे विनय प्रतिहस्त, गोपिकांत झा मुन्ना, अंजय चौधरी, पवन ठाकुर आ अन्यान्य लोकनि उपस्थित छलाह. 
(Report: मिथिमीडिया ब्यूरो)

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