नवीन कुमार 'आशा' केर गजल - मिथिमीडिया
नवीन कुमार 'आशा' केर गजल

नवीन कुमार 'आशा' केर गजल

Share This
सजनी एहन बोल अहाँ सुनेलौं कोना
कहूतऽ एहन गप्प जिह्वा चढेलौं कोना 

करेजक खोहमे अहाँ बैसल छी देखू 
अहाँ नित उथल-पुथल मचेलौं कोना

जन्म-जन्मक रिश्ता अछि हमर अहाँके
तखन आँखिसँ अश्रुधार बहेलौं कोना 

हम सौतिन आनब एना किए बुझै छी 
क्षणभरि मे अहाँ से दूर कऽ देलौ कोना 

मोन मे तऽ आस कतेक अछि अहाँ लेल
करेज सँ सटा अहाँ दूर लऽ गेलौं कोना 
आखर-१५

Post Bottom Ad