कलकत्ता मे पसरल मिथिलाक गीतनाद

>> मिथिला महोत्सवक दोसर दिनक कार्यक्रम
 
कोलकाता.  मिथिला विकास परिषद , कोलकाता द्वारा आयॊजित 9 दिवसीय मिथिला महोत्सव के दोसर दिनक कार्यक्रम रवि दिन 12 अगस्त 2012 कें सायं 5:30 बजे महाजाति सदनक एनेक्स हॉल मे आयोजित कयल गेल. अहि अवसर पर परिषद आ मिथिला महिला मंचक संयुक्त तत्वावधान मे मैथिली संस्कार गीत आधारित गीतगाइन प्रतियोगिता आयोजित भेल. कार्यक्रमक प्रारंभ विद्यापतिक भगवती आ बाबा बासुकीनाथक वंदना सं भेल. बाबा विद्यापतिक प्रतिमा पर पुष्पार्पण आ माल्यार्पनक उपरान्त दीप प्रज्जवलनक संग कार्यक्रमक औपचारिक प्रारंभ भेल. आयोजन समिति केर स्वागत मंत्री किरण इस्सर मंचस्थ अतिथिगणक स्वागत करैत सभक प्रति अपन आभार व्यक्त केलनि आ कहलनि जे मिथिलाक महिला के सेहो आब आगू अयबाक चाही. ओ अहि बात पर बल देइ
कहलनि  जे नियमित रूपें मैथिल महिलाक बैसार हॊबाक चाही जाहि मे ओ अपन-अपन समस्या राखथि. कार्यक्रमक विशिष्ट अतिथि डॉ बीरेन्द्र मल्लिक मैथिली संस्कार गीतक परम्परा आ महत्व पर प्रकाश रखैत कहलनि जे मैथिली संस्कार गीत मिथिलाक बड्ड पैघ धरोहर अछि. अशोक झा अपन वक्तवय मे बतौलनि जे 23 सितम्बर 2012 कें भारतीय भाषा परिषद मे एकटा साहित्यिक संगोष्ठीक आयोजन कयल जा रहल अछि जाहि मे मैथिली आ अन्य भाषाक समानता आ विशिष्टता पर चर्चा कयल जायत.
अहि अवसर पर मुख्य अतिथि नेपाल सरकारक कॉन्सुलेट सी.के. धीमिरे हर्खक संग कहलनि जे मैथिली आ नेपाली मे बहुत रासे सांस्कृतिक समानता अछि. कार्यक्रमक सफ़लताक कामना करैत कहलनि जे मिथिलाक महिलाक उपस्थिति सं आब बुझा रहल अछि कि मिथिला समाज आब फ़ेर सं जागृत भ' रहल अछि. मैथिल समाज में परिवर्तन आबि रहल अछि. ओ डॉ मल्लिक केर पुस्तक मे सं एकटा मैथिली कविताक आवृति कएलनि आ संगहि कहलनि जे मिथिला आ नेपालक आपसी संबंध आर बेहतर बनाबय लेल सार्थक काज करताह. नेपाली आ मैथिली लोक नॄत्यक संयुक्त प्रदर्शन करबाक उद्देश्य सं एकटा संयुक्त कार्य्रक्रमक आयोजन करबाक आश्वासन देलनि अछि.  समारोहक अध्यक्षता शैल झा केलनि आ उदघाटनकर्ता छलीह अंजू झा. पूरा कार्यक्रमक सफ़ल संचालन बेला झा केलनि.
कार्यक्रमक दोसर सत्र में गीतगाइनक प्रतियोगिता भेल जाहि मे मिथिलाक समस्त क्षेत्र- यथा दरभंगा, मधुबनी समेत बेगुसराय, बांका, भागलपुर, गोड्डा आदि- केर पुरुख आ महिलाक उपस्थिति सं मिथिलाक समरसता आ एकता उजागर भेल. अहि प्रतियोगिता में कुल 33 प्रतिभागी छली जे अपन गायन सं दर्शकक नीक मनोरंजन कयलनि. भाषा, भाव आ प्रस्तुति केर आधार पर भाग लेनिहार प्रतियोगी कें विजेता घोषित कयल गेल. प्रथम पुरस्कार (1500 टका) विजेता अपराजिता झा, द्वितीय पुरस्कार 1000 टकाक विजेता सपना झा एवं तॄतीय पुरस्कार (500 टका ) विजेता अंजना इस्सर आ नैना इस्सर संयुक्त रूप सं भेलीह. सुमधुर गीत गौनिहारि कें विशेष पुरस्कार सेहो देल गेल. एहन तरहक ई प्रथम प्रयास छल जकर उद्देश्य विलुप्त भए रहल मैथिली लोक- संगीत आ संस्कार कें पुनर्जीवित करब अछि.
(Report & Photo: भास्‍कर झा)

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